Lucknow: आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा- सीएम योगी

नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र

Mar 18, 2026 - 16:11
87 Views
Lucknow: आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा- सीएम योगी
उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास एवं सतत समृद्धि के 9 वर्ष पर वार्षिक पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमत्री योगीआदित्यनाथ
  • मुख्यमंत्री ने कहा, 9 वर्षों में राज्य में बदल गई कानून-व्यवस्था की तस्वीर 
  • शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव: सीएम
  • 9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री
  • 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग अब प्रदेश में ही, कमिश्नरेट सिस्टम और साइबर थानों से आधुनिक हुई पुलिसिंग: सीएम योगी
  • 2017 के बाद पीएसी को मिला पुनर्जीवन, महिला बटालियनों से बढ़ी ताकत: मुख्यमंत्री

लखनऊ। ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल माहौल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं, जो सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के मजबूत माहौल को दर्शाता है। आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा, यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस स्थिति को पूरी तरह बदला गया है। सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। यह अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है, जिसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है।

सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। तब केंद्र सरकार के सहयोग से मिलिट्री, पैरामिलिट्री और अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों का उपयोग करना पड़ा था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में उतरेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और जनता में सुरक्षा का विश्वास और बढ़ेगा।

सीएम ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। लेकिन अब इन व्यवस्थाओं को सुधारते हुए पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है, साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे प्रदेश की सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नामकरण वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर किया गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जो नारी शक्ति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ (SDRF) को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है, जहां नागरिकों का विश्वास सरकार और प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।

Also Read- Lucknow: डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया- मुख्यमंत्री

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow