UP News: यूपी के पिछड़े ब्लॉकों के विकास को नई रफ्तार, मुख्य सचिव ने जोड़े 7 नए मानक, कुल संख्या 51 हुई
मुख्य सचिव ने आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम की समीक्षा कर राज्य औसत से पिछड़े ब्लॉकों में सुधार के निर्देश दिए। कार्यक्रम में 7 नए मानक जोड़े गए।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पिछड़े विकास खंडों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विकास खंडों में विभागीय मानकों की प्रगति राज्य के औसत से कम है, वहां सुधार के लिए समयबद्ध और ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। संबंधित विभागों को विशेष प्रयास करके सभी संकेतकों को राज्य औसत से ऊपर लाने और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने के लिए कहा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक हर हाल में पहुंचे। इसके लिए जिला और विकास खंड स्तर के अफसरों के साथ हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाएगी। बैठक के फैसलों और प्रगति विवरण को नियोजन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा ताकि नियमित निगरानी बनी रहे। जमीनी स्तर पर डेटा की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए तकनीक के उपयोग पर बल दिया गया। जिन विभागों का डेटा अभी डिजिटल माध्यम से पोर्टल से नहीं जुड़ा है, उन्हें एक महीने के भीतर तकनीकी एकीकरण पूरा करने का समय दिया गया है। साथ ही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारी के शत-प्रतिशत पद भरे हुए हैं। बैठक में कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए 7 नए मानक जोड़ने की मंजूरी दी गई। इनमें गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का उपचार, पांच वर्ष से कम उम्र के कुपोषित व अवरुद्ध विकास वाले बच्चों की निगरानी, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शौचालय, विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व क्रियाशील कंप्यूटर की सुविधा और हर घर जल प्रमाणित गांवों का प्रतिशत शामिल है। इन नए मानकों के जुड़ने से कार्यक्रम में कुल संकेतकों की संख्या 44 से बढ़कर 51 हो गई है। बैठक में बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्राम्य विकास और नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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