UP Recruitment: सरकारी भर्तियों में तेजी लाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने आयोगों और भर्ती बोर्डों के साथ की अहम बैठक
मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश के भर्ती आयोगों और बोर्डों के साथ बैठक कर चयन परीक्षाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए शासन स्तर पर अहम कदम उठाए गए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में प्रदेश के प्रमुख भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी सेवाओं में चयन प्रक्रिया को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया ताकि योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्तियों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
मुख्य सचिव ने चयन संस्थाओं को वार्षिक परीक्षा कैलेंडर का कड़ाई से अनुपालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा के आयोजन, परिणाम जारी करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अंतिम नियुक्ति पत्र वितरण तक के सभी चरणों को तय समय के भीतर पूरा किया जाए। जहां भी किसी स्तर पर प्रक्रिया में देरी हो, वहां विभाग और आयोग आपस में समन्वय बनाकर त्वरित समाधान निकालें।
भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीक के प्रयोग से पूरी प्रणाली अभ्यर्थियों के अनुकूल और सुरक्षित बनेगी। इसके साथ ही विभिन्न आयोगों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और बेहतर तालमेल से कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, प्रमुख स्टाफ ऑफिसर अमृता सोनी सहित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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