UP Secretariat Modernisation: यूपी सचिवालय का होगा कायाकल्प, मुख्य सचिव ने फाइलों के डिजिटाइजेशन और ई-नीलामी के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने यूपी सचिवालय के आधुनिकीकरण कार्यों की समीक्षा की। फाइलों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन, अनुपयोगी सामान की ई-नीलामी और स्वच्छता के कड़े निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश सचिवालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए परिसर का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सचिवालय परिसर के विभिन्न भवनों, कार्यालय कक्षों, प्रतीक्षालयों और सभाकक्षों में प्रस्तावित सिविल, विद्युत और तकनीकी सुधार कार्यों के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को पूरे सचिवालय परिसर को आधुनिक, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सचिवालय के सभी अनुभागों में पत्रावलियों और दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुराने रजिस्टरों और अनुपयोगी सामग्री की नियमानुसार छंटाई कर कार्यालयों में अतिरिक्त जगह बनाई जाए। इसके साथ ही जिन फाइलों का अब तक डिजिटाइजेशन नहीं हो सका है, उनका समयबद्ध तरीके से अनिवार्य डिजिटाइजेशन कराया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज सुरक्षित रहें और तुरंत उपलब्ध हो सकें। सभी निष्प्रयोज्य वस्तुओं का निस्तारण ई-नीलामी के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ करने को कहा गया है।
बैठक में सचिवालय के सभी सभाकक्षों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने और प्रत्येक कक्ष में सुचारु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यालयों की नियमित स्वच्छता और शौचालयों की विशेष सफाई पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा बिजली के तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए ताकि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होने के साथ परिसर की सुंदरता भी बनी रहे। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. आशीष कुमार गोयल, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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