योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: मेडिकल इंटर्न का भत्ता बढ़ा, 8 औद्योगिक इकाइयों को निवेश प्रोत्साहन की मंजूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में चिकित्सा शिक्षा और औद्योगिक

Aug 26, 2026 - 13:42
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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: मेडिकल इंटर्न का भत्ता बढ़ा, 8 औद्योगिक इकाइयों को निवेश प्रोत्साहन की मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में चिकित्सा शिक्षा और औद्योगिक निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस/बीडीएस उत्तीर्ण छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने के साथ ही औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 8 इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की संस्तुतियों को भी अनुमोदित किया है।

मेडिकल इंटर्न का भत्ता 12 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये प्रतिमाह

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस/बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान दिए जाने वाले इंटर्नशिप भत्ते को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। एमबीबीएस और बीडीएस उत्तीर्ण छात्रों के लिए रोटेटिंग इंटर्नशिप अनिवार्य होती है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र अस्पतालों में मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग देने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, वार्ड, ओपीडी और रात्रि ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इससे पहले शासनादेश दिनांक 13 जुलाई 2010 के तहत इंटर्नशिप के दौरान 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड अनुमन्य था। इसके बाद 5 जनवरी 2021 के शासनादेश के जरिए इसे बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है।

औद्योगिक निवेश नीति के तहत 8 इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की 4 मई 2026 को हुई बैठक में की गई संस्तुतियों को भी मंजूरी प्रदान की है। बैठक में 8 औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने की संस्तुति की गई थी।

इन प्रस्तावों में सुपर मेगा श्रेणी में गौतमबुद्धनगर की सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 605.37 करोड़ रुपये के निवेश पर नेट एसजीएसटी से संबंधित अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित किया गया है। मेगा श्रेणी में शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड, हमीरपुर के 297.30 करोड़ रुपये, साउण्ड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, हाथरस के 225 करोड़ रुपये, जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, लखीमपुर खीरी के 294.72 करोड़ रुपये तथा माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड, उन्नाव के 363.52 करोड़ रुपये के निवेश पर पूंजीगत सब्सिडी संबंधी अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित किया गया है।

इसके अलावा वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड, बाराबंकी के 436.12 करोड़ रुपये, पसवारा पेपर्स लिमिटेड, हाथरस के 315 करोड़ रुपये और सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज़ लिमिटेड, मथुरा के 363.94 करोड़ रुपये के निवेश पर नेट एसजीएसटी से संबंधित अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित किया गया है।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत औद्योगिक इकाइयों को छूट, अनुदान और विभिन्न वित्तीय सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान है। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन ने आवेदन, मूल्यांकन और प्रोत्साहन स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित की है।

मेगा और उससे उच्च श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति विचार करती है। समिति की अंतिम संस्तुतियों को मंत्रिपरिषद से अनुमोदन मिलने के बाद निवेश प्रोत्साहनों का मार्ग प्रशस्त होता है। सरकार के इन फैसलों से एक ओर जहां मेडिकल इंटर्न को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बड़े औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को प्रोत्साहन मिलने से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

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