UP Congress Kisan Adhikar Yatra Postponed: बारिश बनी रोड़ा, मुजफ्फरनगर से शुरू होने वाली कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा स्थगित
UP Congress Kisan Yatra: पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर से 7 सितंबर को शुरू होने वाली कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा खराब मौसम के चलते स्थगित कर दी गई है।
- 7 सितंबर से शुरू होने वाली यूपी कांग्रेस की 150 किमी लंबी 'किसान अधिकार यात्रा' स्थगित, जानिए हाईकमान ने क्यों लिया यह फैसला
- UP News: मुजफ्फरनगर से जेवर तक निकलने वाली किसान अधिकार यात्रा टली, दिल्ली में हाईकमान की बैठक के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला
- UP Congress News: भारी बारिश के अलर्ट के बाद कांग्रेस की 'किसान अधिकार यात्रा' फिलहाल स्थगित, जल्द जारी होगा नया शेड्यूल
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर से निकाली जाने वाली बहुचर्चित 'किसान अधिकार यात्रा' को खराब मौसम के कारण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से शुरू होकर गौतमबुद्ध नगर के जेवर तक जाने वाली इस यात्रा को लेकर शनिवार देर शाम दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई। उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में हुई इस बैठक में लगातार हो रही झमाझम बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। नेतृत्व का मानना है कि खराब मौसम में कार्यकर्ताओं, किसानों और युवाओं की सुरक्षा को जोखिम में डालना उचित नहीं होगा। पार्टी जल्द ही नई रणनीति बनाकर यात्रा की नई तिथियों का ऐलान करेगी।
उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं, भूमि अधिग्रहण, और कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 150 किलोमीटर लंबी 'किसान अधिकार यात्रा' आयोजित करने का खाका तैयार किया था। तय योजना के अनुसार, यह यात्रा 7 सितंबर को मुजफ्फरनगर से शुरू होनी थी। हालांकि, क्षेत्र में हो रही भारी बारिश और मौसम के मिजाज को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने इसे फिलहाल रोकने का फैसला किया है। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस संबंध में उत्तर प्रदेश के सभी पदाधिकारियों और फ्रंटल संगठनों को औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
किसान अधिकार यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और आगामी दिनों के मौसम अनुमान पर विस्तार से चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि बारिश और जलभराव की स्थिति में यात्रा निकालने से इसमें शामिल होने वाले स्थानीय किसानों, आम जनता, युवाओं और पार्टी के कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सर्वसम्मति से यात्रा को तात्कालिक रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके बाद अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला की ओर से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के तमाम प्रांतीय पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और अग्रिम संगठनों को पत्र भेजकर निर्णय की जानकारी दी गई और आगे की नई रणनीति तैयार करने को कहा गया।
यह पदयात्रा मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से रवाना होकर शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे किसान बहुल जिलों से गुजरते हुए गौतमबुद्ध नगर के जेवर में पहुंचकर समाप्त होने वाली थी। 150 किलोमीटर के इस लंबे पैदल मार्ग पर जगह-जगह किसान पंचायतों और जनसभाओं का आयोजन प्रस्तावित था। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रांतीय व स्थानीय स्तर के 1500 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
कांग्रेस पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यह स्थगन केवल मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किया गया है और किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि पार्टी के लिए अपने कार्यकर्ताओं और अन्नदाताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। मौसम सामान्य होते ही नए सिरे से रूपरेखा तैयार कर यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।
वहीं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों ने भी पार्टी के इस फैसले का समर्थन किया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि बारिश में बड़ी जनसभाएं और पैदल मार्च आयोजित करने में व्यावहारिक दिक्कतें आ सकती थीं, इसलिए नई तिथियों की घोषणा के बाद और अधिक ऊर्जा के साथ मैदान में उतरा जाएगा।
किसान अधिकार यात्रा के फिलहाल टलने से पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के उस आक्रामक राजनीतिक अभियान पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया है, जिसके जरिए पार्टी किसान बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। 1500 से अधिक कार्यकर्ता जो जमीनी स्तर पर जनसंपर्क में जुटे थे, उन्हें अब नए निर्देशों का इंतजार करना होगा।
हालांकि, यात्रा का रोडमैप और रणनीतिक रूपरेखा पहले से तैयार होने के कारण पार्टी को नया कार्यक्रम शुरू करने में अधिक समय नहीं लगेगा। इस फैसले से कार्यकर्ताओं में सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है कि नेतृत्व केवल भीड़ जुटाने के बजाय लोगों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी जल्द ही एक संयुक्त बैठक आयोजित कर मौसम के मिजाज का आकलन करेगी। जैसे ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की स्थिति सामान्य होगी, पार्टी की ओर से यात्रा की नई तिथियों और संशोधित मार्ग योजना की घोषणा कर दी जाएगी।
तब तक पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से संपर्क बनाए रखें और उनकी स्थानीय समस्याओं का ब्योरा जुटाते रहें, ताकि जब यात्रा नए सिरे से शुरू हो, तो उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सके।
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