यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: ग्रेटर नोएडा में सजेगा 75 जिलों की दीदियों का बाजार, स्वदेशी उत्पादों को मिलेगी वैश्विक उड़ान
ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के सभी 75 जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का प्रदर्शन होगा। ग्रामीण महिलाओं के हुनर को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार ग्रामीण अंचल की महिला उद्यमियों का कौशल दुनिया के सामने अपनी मजबूत छाप छोड़ेगा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से प्रदेश के सभी पचहत्तर जनपदों में सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ा जा रहा है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव-कस्बों में तैयार होने वाली स्थानीय दस्तकारी, पारंपरिक कला और खाद्य उत्पादों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर बड़ा व्यापारिक मंच उपलब्ध कराना है।
इस बड़े आयोजन से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को व्यापक पहचान और बेहतर बाजार मिलने की राह आसान होगी। इससे जमीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और उनके व्यापार का दायरा बढ़ेगा। ग्रामीण हुनर को वैश्विक फलक तक पहुंचाने के लिए यह मंच बेहद उपयोगी माध्यम बनने जा रहा है।
ट्रेड शो के दौरान ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित महत्वपूर्ण पहलों जैसे स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया, टेक होम राशन व्यवस्था, बीसी सखी, विद्युत सखी और बलिनी दुग्ध उत्पादन परियोजना से संबंधित सफल गतिविधियों की जानकारी भी दर्शकों को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त स्टॉलों पर समूहों द्वारा तैयार की गई प्रामाणिक वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी, जिनमें शुद्ध मसाले, मुरब्बा, अचार, हस्तनिर्मित परिधान, जरी-जरदोजी का काम, मिट्टी की पॉटरी, आभूषण, जूट से बनी वस्तुएं, पारंपरिक जरी व चिकनकारी की साड़ियां, रेडीमेड सूट, नमकीन, टेराकोटा कलाकृतियां, चमड़े से बने उत्पाद और बलिनी ब्रांड की वस्तुएं प्रमुख आकर्षण होंगी।
मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार यह आयोजन स्वयं सहायता समूहों की कर्मठ महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जहां उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री से अच्छा आर्थिक लाभ कमाने का मौका मिलेगा। राज्य के विभिन्न अंचलों से आ रहीं महिलाएं अपने हाथों से तैयार स्वादिष्ट क्षेत्रीय व्यंजन और पारंपरिक खाद्य सामग्रियां भी लेकर पहुंचेंगी। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए मिशन ने ठहरने, भोजन और आवागमन की पूरी व्यवस्था निःशुल्क सुनिश्चित की है ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने हुनर और उत्पादों का प्रदर्शन कर सकें।
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