ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक से बढ़ेगा यूपी और जापान का सहयोग, यामानाशी के गवर्नर ने किए काशी विश्वनाथ के दर्शन
जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन किए। यूपी और यामानाशी ग्रीन हाइड्रोजन सहित कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच औद्योगिक, ऊर्जा और सांस्कृतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि दोनों क्षेत्र मिलकर विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाएंगे। इस साझेदारी में ग्रीन हाइड्रोजन प्रणाली के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा के साथ विश्व स्तर पर शांति और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।
जापानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों के साथ गवर्नर कोटारो नागासाकी ने वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर विधिवत दर्शन किए। मंदिर परिसर में भारतीय परंपरा के अनुसार रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र भेंट कर विदेशी अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच भारत और जापान के मैत्रीपूर्ण व सांस्कृतिक संबंधों की आत्मीय झलक देखने को मिली।
कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़ के बीच की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन को देखकर जापानी दल ने प्रबंध तंत्र की सराहना की। जापानी मेहमानों ने काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप को देखने के साथ प्राचीन धरोहर और आधुनिक विकास के तालमेल को भी सराहा।
इससे पहले जापानी दल ने भगवान बुद्ध की ऐतिहासिक उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण किया और नमो घाट पर आयोजित संध्या गंगा आरती में भाग लेकर बनारस के आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव लिया। लखनऊ में आयोजित निवेश बैठक के तहत भारत पहुंचे इस दल और राज्य प्रशासन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में निवेश व परस्पर सहयोग के समझौतों पर सहमति बनी है। यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और पर्यटन को नई दिशा देने में मददगार साबित होगी।
Also Click : सरहद पार से सात फेरों तक: सीमाएं बंद होने के बाद खाड़ी देशों के रास्ते भारत पहुंचीं 150 पाकिस्तानी दुल्हनें
What's Your Reaction?







