यूपी में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ी: महंगाई भत्ते की नई दरें तय, हर महीने मिलेगा अधिक वेतन

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की है। अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल कामगारों की मासिक आय में सीधे इजाफा होगा।

By INA News Desk
Oct 28, 2026 - 12:50
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यूपी में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ी: महंगाई भत्ते की नई दरें तय, हर महीने मिलेगा अधिक वेतन
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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 74 तय नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों के न्यूनतम पारिश्रमिक में बढ़ोतरी करते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की नई दरें निर्धारित की हैं। श्रम विभाग की ओर से उठाए गए इस कदम से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में कार्यरत अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल कामगारों को हर महीने 174 रुपये से लेकर 238 रुपये तक का अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।

श्रम विभाग के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी में यह बदलाव अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर तय किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लगातार बदलती आर्थिक परिस्थितियों और जीवन यापन की लागत के अनुरूप कर्मचारियों को पारिश्रमिक की सुरक्षा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर वेतन संरचना लागू की गई है।

क्षेत्रीय आधार पर तय पारिश्रमिक के तहत गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल कर्मचारियों का मासिक वेतन 13,690 रुपये से बढ़कर 13,883.59 रुपये हो गया है। इसी क्षेत्र के अर्द्धकुशल कामगारों को अब 15,059 रुपये की जगह 15,271.41 रुपये और कुशल कारीगरों को 16,868 रुपये के स्थान पर 17,106.39 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के अलावा अन्य नगर निगम वाले जनपदों में अकुशल श्रेणी के लिए मासिक पारिश्रमिक 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल श्रेणी के लिए 14,507.46 रुपये और कुशल श्रेणी के लिए 16,250.86 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के बाकी जनपदों में अकुशल कामगारों को 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल कामगारों को 13,782.30 रुपये तथा कुशल कामगारों को 15,438.42 रुपये मासिक दिए जाएंगे।

दैनिक वेतन की गणना मासिक दर को 26 दिनों के अनुपात में विभाजित करके की जाएगी। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी संस्थान में किसी कर्मचारी को पहले से इन तय दरों से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है, तो उस कर्मचारी के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। संबंधित नियोजकों और संस्थानों को अपने यहां काम कर रहे कर्मचारियों की कुशलता और तय क्षेत्र के अनुरूप इस नई वेतन व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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