8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग पर सरकार का संसद में बड़ा बयान, जानें रिपोर्ट और सैलरी हाइक की पूरी डिटेल
8th Pay Commission Update: संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। जानें आयोग की रिपोर्ट, सैलरी हाइक और लागू होने की समयसीमा।
- 8th Pay Commission Status: लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया 8वें वेतन आयोग का स्टेटस, जानें कब लागू होगी नई सैलरी
- 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग और सैलरी हाइक पर संसद में आया नया अपडेट, करीब 70 लाख कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर
- 8th Pay Commission News: संसद में 8वें वेतन आयोग पर वित्त मंत्रालय का जवाब, रिपोर्ट और सैलरी बढ़ोतरी की समयसीमा स्पष्ट
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित सवाल के जवाब में 8वें वेतन आयोग के गठन, इसकी रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा और सैलरी व पेंशन बढ़ोतरी को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट की है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है। इस घोषणा से देश के लगभग 35.77 लाख असैन्य कर्मचारियों और करीब 33.76 लाख पेंशनभोगियों को अपनी वेतन वृद्धि और भत्तों के पुनरीक्षण की स्पष्ट तस्वीर देखने को मिली है।
संसद के निचले सदन लोकसभा में सांसदों द्वारा 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की कार्यप्रणाली, प्रस्तावित बदलावों, वित्तीय प्रभाव और इसके लागू होने की संभावित तारीख को लेकर सवाल पूछे गए थे। इसके लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आधिकारिक तौर पर आयोग की प्रगति और वैधानिक स्थिति की जानकारी दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर 2025 को गजट अधिसूचना जारी कर 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया गया था। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन तथा अन्य सेवा शर्तों की समीक्षा कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है।
संसद में पेश की गई जानकारी के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना के जरिए हुआ था। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली स्थित चंदरलोक बिल्डिंग में स्थापित किया गया है, जहां न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई (अध्यक्ष), प्रो. पुलक घोष (अंशकालिक सदस्य) और पंकज जैन (सदस्य-सचिव) के नेतृत्व में कामकाज तेजी से चल रहा है।
आयोग को अपने गठन की तारीख से सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसका अर्थ है कि आयोग के पास रिपोर्ट जमा करने की अंतिम सीमा मई 2027 तक है। संसद में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि चूंकि आयोग ने अभी अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है, इसलिए संशोधित वेतनमान, भत्तों में बदलाव और इसे लागू करने की सटीक तारीख का निर्धारण रिपोर्ट आने और केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा।
आयोग वर्तमान में विभिन्न हितधारकों, कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संगठनों और मंत्रालयों से परामर्श प्रक्रिया में जुटा हुआ है। नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और भारत पेंशनर समाज (BPS) जैसे प्रमुख निकायों के साथ बैठकें आयोजित की गई हैं। कर्मचारी निकायों की ओर से न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने और वार्षिक वेतन वृद्धि दर को वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक करने जैसी प्रमुख मांगें आयोग के सामने रखी गई हैं।
सरकार के इस आधिकारिक बयान के बाद केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगी यूनियनों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और विभिन्न रक्षा नागरिक कर्मचारी संघों ने आयोग से आग्रह किया है कि सिफारिशों की प्रक्रिया को तय सीमा में पूरा किया जाए।
कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए वेतन पुनरीक्षण का लाभ जल्द से जल्द कर्मचारियों तक पहुंचना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद केंद्रीय बजट पर पड़ने वाले कुल वित्तीय प्रभाव (Fiscal Impact) का सटीक आकलन तभी संभव हो पाएगा जब आयोग की रिपोर्ट औपचारिक रूप से प्रस्तुत हो जाएगी।
सरकार के इस बयान का सीधा असर देश के करीब 70 लाख लोगों पर पड़ रहा है। 1 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 35.77 लाख सिविलियन कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 31 दिसंबर 2025 तक पेंशनभोगियों की संख्या लगभग 33.76 लाख (रक्षा पेंशनभोगियों को छोड़कर) दर्ज की गई है।
8वें वेतन आयोग के लागू होने से न केवल केंद्रीय कर्मचारियों का टेक-होम वेतन और मूल वेतन बढ़ेगा, बल्कि मकान किराया भत्ता (HRA), महंगाई भत्ता (DA) और पेंशन संरचना में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा भी अपने-अपने स्तर पर केंद्रीय वेतन आयोग की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मार्ग प्रशस्त होगा।
अब सभी निगाहें 8वें वेतन आयोग की आगामी गतिविधियों और परामर्श दौर पर टिकी हैं। आयोग देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर विभिन्न विभागों व कर्मचारी यूनियनों से सुझाव एकत्र कर रहा है। निर्धारित 18 महीने की समयसीमा के भीतर सिफारिशें तैयार होने के बाद, रिपोर्ट को समीक्षा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद ही वेतन वृद्धि, एरियर (Arrears) के भुगतान और नई वेतन संरचना के लागू होने की अंतिम तिथि का ऐलान होगा। तब तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत ही वेतन और समय-समय पर मिलने वाले महंगाई भत्ते का लाभ मिलता रहेगा।
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