यूपी के निपुण मॉडल को देखने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के प्रतिनिधि: 11 सरकारी स्कूलों में परखी बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता
उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के जमीनी असर को परखने 5 देशों का 70 सदस्यीय दल गाजियाबाद पहुंचा। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण पद्धति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
- योगी सरकार के निपुण मॉडल को समझने गाजियाबाद पहुंचे पांच देशों के प्रतिनिधि, 11 परिषदीय विद्यालयों में देखा कक्षा शिक्षण
- केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के करीब 70 वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने किया विद्यालयों का दौरा
- 23 से 27 अगस्त तक चल रहे पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत समझे निपुण भारत मिशन के एफएलएन सुधार
- नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 विद्यालयों में कक्षा शिक्षण का किया प्रत्यक्ष अवलोकन
- विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, एआरपी और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से किया संवाद
- पाठ्यक्रम, संरचित शिक्षण सामग्री, शिक्षक मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग पर हुई तकनीकी चर्चा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुनियादी शिक्षा और बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय पीयर-लर्निंग का विषय बन रहे हैं।
निपुण भारत मिशन के अंतर्गत भारत में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को समझने के उद्देश्य से केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों का लगभग 70 सदस्यीय दल गाजियाबाद पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण का प्रत्यक्ष अवलोकन कर निपुण भारत की नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन को समझा।
23 से 27 अगस्त तक चल रहे सप्ताहभर के पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 विद्यालयों का भ्रमण कराया गया।
प्रतिनिधियों ने कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया देखी तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से संवाद किया।
गाजियाबाद के परिषदीय विद्यालयों में पांच देशों के प्रतिनिधियों का यह अध्ययन दौरा उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को नीति से कक्षा तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा सीख का अवसर प्रदान कर रहा है।
यह है उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को समझना और अनुभव साझा करना है।
गाजियाबाद के विद्यालयों में कक्षा शिक्षण के प्रत्यक्ष अवलोकन और शिक्षा अधिकारियों के साथ तकनीकी संवाद के माध्यम से प्रतिनिधियों ने एफएलएन सुधारों के जमीनी क्रियान्वयन को करीब से समझा।
शिक्षा विभाग के साथ हुई तकनीकी चर्चा
विद्यालयों के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई। इसमें गाजियाबाद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए।
चर्चा में पाठ्यक्रम एवं अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मिडिल टीयर की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
नीति से कक्षा तक की प्रक्रिया को समझा
विद्यालय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने यह जाना कि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत तैयार नीतियों और एफएलएन सुधारों को कक्षा स्तर पर किस तरह लागू किया जा रहा है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया, अकादमिक सहयोग और बच्चों की सीख से जुड़े अनुभवों को समझा गया। ज्ञात हो कि लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन कर रहा है।
यह भारत की एंकर लाइटहाउस संस्था है। कार्यक्रम में सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है तथा ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा रहा है।
Also Click : Hijab Row: स्कूल में यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की छात्रा की याचिका
What's Your Reaction?







