यूपी पीईटी 2026: दूसरे दिन 66.75% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, AI और CCTV से निगरानी, ब्लूटूथ के साथ पकड़ा गया मुन्नाभाई
यूपीएसएसएससी पीईटी-2026 के दूसरे दिन 66.75% उपस्थिति रही। 31,602 सीसीटीवी और एआई से हुई निगरानी, झांसी में ब्लूटूथ के साथ एक अभ्यर्थी पकड़ा गया।
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूरी तरह नकलविहीन बनाने के प्रशासनिक संकल्प के बीच उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के दूसरे दिन की परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। प्रदेश के 60 जनपदों में आयोजित इस परीक्षा के दूसरे दिन कुल आवंटित 11,80,434 अभ्यर्थियों में से 7,87,964 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जिससे कुल उपस्थिति 66.75 प्रतिशत दर्ज की गई।
परीक्षा का आयोजन तीन दिवसों में दो-दो पालियों में कराया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के 1,372 परीक्षा केंद्रों पर 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया। राज्यभर के केंद्रों पर लगे 31,602 सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड को आयोग कार्यालय और जनपद स्तरीय कमांड कंट्रोल रूम से सीधे मॉनिटर किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए 2,744 सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित 93 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की गई।
सेंधमारी और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर फेशियल रिकॉग्निशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और बायोमेट्रिक सत्यापन का सहारा लिया गया। अभ्यर्थियों के साथ-साथ ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की गई। इस डिजिटल व्यवस्था के चलते झांसी जनपद में आकाश पटेल नामक एक अभ्यर्थी को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया, जिसके खिलाफ स्थानीय थाने में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। वहीं, दोनों पालियों में एआई मिलान के जरिए 22 संदिग्ध अभ्यर्थियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। 20 संवेदनशील जनपदों में इलेक्ट्रॉनिक जैमर भी सक्रिय रखे गए।
लाखों अभ्यर्थियों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर से व्यापक प्रबंध किए गए थे। परिवहन निगम द्वारा पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बसों और रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया, जिससे स्टेशनों और बस अड्डों पर व्यवस्था सुचारु बनी रही। आयोग ने जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ और सहयोगी विभागों के समन्वय की सराहना करते हुए विश्वास जताया है कि अंतिम दिवस की परीक्षा भी इसी प्रकार निष्पक्षता और शुचिता के उच्च मानकों के साथ संपन्न होगी।
What's Your Reaction?

