UP Police Infrastructure: योगी सरकार ने मंजूर किए ₹18.41 करोड़, थानों में बनेंगे नए हॉस्टल, बैरक और विवेचना कक्ष

योगी सरकार ने यूपी पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹18.41 करोड़ के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है। मथुरा, सुल्तानपुर, बागपत सहित कई जिलों में बैरक और विवेचना कक्ष बनेंगे।

By INA News Desk
Sep 21, 2026 - 23:24
4 Views
UP Police Infrastructure: योगी सरकार ने मंजूर किए ₹18.41 करोड़, थानों में बनेंगे नए हॉस्टल, बैरक और विवेचना कक्ष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के बुनियादी ढांचे को आधुनिक रूप देने की दिशा में बड़ा वित्तीय निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पुलिस के अनावासीय भवनों के निर्माण, जीर्णोद्धार, सुरक्षा दीवार, जल निकासी और पुलिसकर्मियों की आवासीय सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कुल 18 करोड़ 41 लाख 3 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत यह पूरी धनराशि निर्धारित प्राथमिकताओं के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों पर व्यय की जाएगी।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस धनराशि से थानों में विवेचना अधिकारियों के लिए समर्पित कक्ष, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए आरामदायक बैरक और हॉस्टल, पुलिस लाइन परिसरों में सुरक्षात्मक निर्माण तथा पीएसी वाहिनियों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत बजट का शत-प्रतिशत उपयोग करने और परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मथुरा और बागपत में आवासीय व अनावासीय भवनों का विस्तार

धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से संवेदनशील मथुरा जनपद में पुलिस बल के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए दो प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति मिली है। मथुरा पुलिस लाइन परिसर में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए नाला निर्माण, 50 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल और अन्य सहायक निर्माण कार्यों के वास्ते 2.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मथुरा के थाना बलदेव के अंतर्गत पुलिस चौकी बरौली के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1.25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मथुरा की इन दोनों परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद तथा सीएंडडीएस जल निगम को संयुक्त रूप से सौंपी गई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूती देने के क्रम में थाना छपरौली परिसर में पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए 32 की क्षमता वाले आधुनिक हॉस्टल/बैरक और विवेचकों के लिए एक सुसज्जित विवेचना कक्ष के निर्माण की योजना मंजूर की गई है। इस परियोजना पर 1.76 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सकेगा।

सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और मुरादाबाद में नए हॉस्टल व विवेचना कक्ष

सुल्तानपुर जनपद के दो प्रमुख थानों में सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ा बजट जारी किया गया है। सुल्तानपुर के थाना कादीपुर में 48 की क्षमता वाले हॉस्टल/बैरक और एक विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए 2.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह, सुल्तानपुर कोतवाली नगर में भी 48 जवानों की क्षमता वाले हॉस्टल/बैरक और एक विवेचना कक्ष के निर्माण पर 2.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन दोनों महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की कार्यदायी संस्था 'उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम' (UPRNN) को नामित किया गया है।

प्रतापगढ़ जनपद में पुलिस पर्यवेक्षण और प्रशासनिक समन्वय को सुगम बनाने के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) रानीगंज के नवीन कार्यालय भवन के निर्माण की योजना को हरी झंडी दी गई है। इसके लिए शासन ने 89.59 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। उधर, मुरादाबाद जनपद के थाना कोतवाली नगर में जवानों की आवासीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए 48 की क्षमता वाले हॉस्टल/बैरक और एक विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए 2.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

फतेहपुर पीएसी वाहिनी, गाजियाबाद लाइन और अलीगढ़ को भी मिला बजट

कानून व्यवस्था की आपात स्थितियों में अग्रिम पंक्ति में तैनात रहने वाली प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) की सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। फतेहपुर जनपद स्थित 12वीं वाहिनी पीएसी परिसर में 200 जवानों के एक साथ बैठने और प्रशिक्षण व विभागीय आयोजनों के संचालन के लिए एक विशाल बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 2.39 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे गाजियाबाद की रिजर्व पुलिस लाइन में विद्युत सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जर्जर और खुले तारों को भूमिगत व सुरक्षित करने के लिए 1.04 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे लाइन परिसर में शॉर्ट सर्किट और बिजली दुर्घटनाओं की आशंका समाप्त होगी। अलीगढ़ पुलिस लाइन में जनरल पर्पज (जीपी) स्टोर के सरकारी सामानों, वर्दी और उपकरणों के सुरक्षित व व्यवस्थित रखरखाव के लिए दो बड़े हॉल बनाए जाएंगे, जिसके लिए 57.69 लाख रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। मुरादाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद और अलीगढ़ की इन परियोजनाओं के लिए 'उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड' को कार्यदायी संस्था निर्धारित किया गया है।

पारदर्शिता और समयबद्धता पर शासन का कड़ा रुख

गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुलिस थानों में आधुनिक विवेचना कक्षों का निर्माण अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। अलग विवेचना कक्ष होने से जांच अधिकारियों को वादियों, गवाहों और पीड़ितों से एकांत में निष्पक्ष पूछताछ करने और केस डायरी तैयार करने में सुविधा होगी।

शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या भौतिक शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को समय-समय पर निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण करने और निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 31 मार्च 2027 की अंतिम समयसीमा से पूर्व सभी भवन पुलिस विभाग को सुपुर्द किए जा सकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow