UP Politics - अस्पताल परिसर में मवेशी दिखने पर अखिलेश यादव का तंज, स्वास्थ्य मंत्री को दी औचक निरीक्षण की सलाह

उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल परिसर में आवारा मवेशी दिखने के वीडियो पर अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पर तंज कसा और व्यवस्था सुधारने की मांग की।

By INA News Desk
Oct 22, 2026 - 17:58
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UP Politics - अस्पताल परिसर में मवेशी दिखने पर अखिलेश यादव का तंज, स्वास्थ्य मंत्री को दी औचक निरीक्षण की सलाह
  • Akhilesh Yadav Video Post - सरकारी अस्पताल में घूमा आवारा पशु, सपा प्रमुख ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पर साधा निशाना
  • UP Health Services - अस्पताल में आवारा मवेशी का वीडियो शेयर कर बोले अखिलेश यादव, स्वास्थ्य मंत्री जी संज्ञान लें
  • SP vs BJP - यूपी के अस्पतालों की व्यवस्था पर फिर सियासी बयानबाजी, सपा अध्यक्ष ने वीडियो पोस्ट कर उठाए सवाल

Tags उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग जारी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पर राजनीतिक कटाक्ष किया है। साझा किए गए वीडियो में एक अस्पताल परिसर के गलियारे में आवारा मवेशी घूमता हुआ नजर आ रहा है।

इस दृश्य को लेकर अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि स्वास्थ्य मंत्री जी संज्ञान लें, क्योंकि अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने उनकी जगह कोई और पहुंच गया है। सपा प्रमुख का यह बयान सीधे तौर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की उस कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वे अक्सर राज्य भर के चिकित्सालयों में जाकर औचक निरीक्षण करते रहते हैं।

  • सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक छोटा वीडियो क्लिप साझा किया। इस वीडियो में एक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल परिसर के भीतर सुरक्षा और स्वच्छता की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है, जहां मरीज और तीमारदार मौजूद हैं और वहीं एक लावारिस पशु भी घूम रहा है।

सपा अध्यक्ष ने इस पोस्ट के माध्यम से राज्य सरकार के उन दावों को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है, जिनमें चिकित्सालयों में चाक-चौबंद व्यवस्था, कड़ी निगरानी और स्वच्छता के बड़े दावे किए जाते हैं। विपक्षी दल का कहना है कि जब राजधानी और अन्य जिलों के बड़े अस्पतालों से इस तरह की तस्वीरें सामने आती हैं, तो ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

  • स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर पुराना सियासी टकराव

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पदभार संभालने के बाद से ही सरकारी अस्पतालों के औचक निरीक्षण के लिए जाने जाते रहे हैं। वे कई मौकों पर बिना किसी पूर्व सूचना के जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करते हैं और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश देते हैं।

विपक्षी दल समाजवादी पार्टी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि मंत्री स्तर पर किए जाने वाले ये निरीक्षण केवल प्रचार का माध्यम बनकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर अस्पतालों में दवाइयों की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बुनियादी स्वच्छता की गंभीर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अखिलेश यादव पहले भी कई मौकों पर अस्पतालों में स्ट्रेचर न मिलने, सीटी स्कैन मशीनों के खराब होने और परिसर में लावारिस मवेशियों के घुसने की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो जारी कर चुके हैं।

  • अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा इंतजामों की जवाबदेही

सार्वजनिक स्वास्थ्य परिसरों में इस प्रकार आवारा मवेशियों का पहुंचना सीधे तौर पर स्थानीय सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। अस्पतालों के आपातकालीन वार्डों, सामान्य वार्डों और परिसर के गलियारों में संक्रमण का खतरा हमेशा अधिक रहता है। ऐसे में खुले तौर पर पशुओं की मौजूदगी न केवल भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है, बल्कि वहां आने-जाने वाले तीमारदारों की सुरक्षा को भी प्रभावित करती है।

फिलहाल इस ताजा वीडियो को लेकर स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य बजट, सुरक्षा ठेकों और प्रशासनिक निगरानी पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।

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