Ganga Vilas Cruise - यूरोपीय पर्यटकों को लेकर पटना पहुंचा गंगा विलास, वाराणसी के लिए होगा रवाना
दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास यूरोपीय सैलानियों को लेकर पटना पहुंचा। मीतन घाट पर ठहराव के बाद क्रूज वाराणसी के लिए रवाना होगा।
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विश्व स्तर पर नदी पर्यटन के मानचित्र पर विशेष पहचान बना चुका लग्जरी रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास यूरोपीय पर्यटकों को लेकर पटना पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गंगा के रास्ते करीब 950 किलोमीटर की दूरी तय करके यह विशाल जलयान पटना पहुंचा। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के गायघाट स्थित टर्मिनल के समीप मीतन घाट पर क्रूज को सुरक्षित रूप से गंगा में रोका गया है।
इस यात्रा में यूरोप के विभिन्न देशों के 15 पर्यटक सवार हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और नदी किनारे बसे प्राचीन शहरों की जीवनशैली को देखने निकले हैं। पटना में गंगा के घाटों की जीवंतता और धार्मिक अनुष्ठानों का नजारा क्रूज की ऊपरी डेक से विदेशी सैलानी उत्सुकता से देखते नजर आए।
- वाराणसी की ओर अगला पड़ाव
निर्धारित कार्यक्रम के तहत यह क्रूज पटना में संक्षिप्त ठहराव के बाद उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर वाराणसी (काशी) के लिए आगे की यात्रा शुरू करेगा। यात्रा मार्ग में सैलानियों को बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक, पुरातात्विक व धार्मिक महत्व वाले स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, क्रूज के संचालन और यात्रा की समय-सारिणी में गंगा नदी का जलस्तर और ड्राफ्ट की गहराई सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। नदी की भौतिक स्थिति अनुकूल रहने पर यह जहाज बिना किसी बाधा के समय पर वाराणसी पहुंचेगा, जहां पर्यटकों के दो से तीन दिन तक ठहरने और वहां के प्रसिद्ध घाटों व मंदिरों का दर्शन करने की योजना है।
- तैरते हुए पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं
एमवी गंगा विलास अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुख-सुविधाओं से लैस है। लगभग 62.5 मीटर लंबे और 12.8 मीटर चौड़े इस तीन मंजिला (थ्री-डेक) क्रूज में 18 सुइट्स बनाए गए हैं, जिनमें करीब 36 से 40 सैलानियों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था है।
क्रूज के अंदर विशाल लाउंज, डाइनिंग एरिया, जिम, सन डेक और स्पा की व्यवस्था है। इसके साथ ही पर्यावरण मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण और ध्वनि नियंत्रण प्रणाली स्थापित की गई है। इस क्रूज में यात्रा के दौरान पर्यटकों को क्षेत्रीय खानपान के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यंजन भी परोसे जाते हैं।
- जलमार्ग पर्यटन को मिल रहा नया विस्तार
यह रिवर क्रूज भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) से लेकर बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ (राष्ट्रीय जलमार्ग-2) तक करीब 3,200 किलोमीटर की ऐतिहासिक दूरी तय करने की क्षमता रखता है। दिसंबर तक यह क्रूज विदेशी पर्यटकों को लेकर कोलकाता, पटना और वाराणसी के बीच नियमित फेरे लगाने वाला है।
नदी पर्यटन के जरिए विदेशी सैलानियों का गंगा के प्राचीन नगरों से सीधे जुड़ना बिहार और उत्तर प्रदेश के हेरिटेज टूरिज्म को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा क्रूज के सुरक्षित आवागमन के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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