Bodh Gaya Mahabodhi Temple Donation: महाबोधि मंदिर के दानपात्र से निकले 2 करोड़ रुपये, विदेशी भक्तों ने भी दिल खोलकर चढ़ाया दान

Mahabodhi Temple Donation: बिहार के बोधगया में विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के दानपात्र से ₹2,00,00,000 (2 करोड़ रुपये) का नकद चढ़ावा और भारी मात्रा में विदेशी करेंसी निकली है।

Jul 3, 2026 - 17:26
 0  4
Bodh Gaya Mahabodhi Temple Donation: महाबोधि मंदिर के दानपात्र से निकले 2 करोड़ रुपये, विदेशी भक्तों ने भी दिल खोलकर चढ़ाया दान
बोधगया के ऐतिहासिक महाबोधि मंदिर का मुख्य परिसर
  • Mahabodhi Temple Donation Counting: गयाजी में बरसी आस्था, महाबोधि मंदिर की दान पेटी से निकला बंपर चढ़ावा; विदेशी मुद्रा देख हैरान हुए लोग
  • Bodh Gaya: महाबोधि मंदिर के दानपात्र की गिनती पूरी, निकला ₹20000000 का भारी-भरकम चढ़ावा; विदेशी भक्तों ने भी खोला दिल
  • Gaya News: बोधगया महाबोधि मंदिर में दान की गिनती संपन्न, दानपात्र से निकले 2 करोड़ रुपये और भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा

बिहार के गया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple) में श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा की गई दानपात्रों की द्वैमासिक गिनती के दौरान कुल ₹2,00,00,000 (2 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम चढ़ावा प्राप्त हुआ है। 3 जुलाई 2026 को पूरी हुई इस गिनती प्रक्रिया में भारतीय मुद्रा के साथ-साथ बड़ी मात्रा में विदेशी भक्तों द्वारा चढ़ाई गई विदेशी करेंसी भी बरामद हुई है। इस बार देश-विदेश से आने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों और पर्यटकों ने भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर दिल खोलकर दान दिया है। बैंक अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन की कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई इस गणना के बाद अब इस राशि का उपयोग मंदिर के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों में किए जाने की योजना है।

  • आस्था के केंद्र में बंपर चढ़ावा

गयाजी के बोधगया स्थित यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर परिसर में रखे गए विभिन्न दानपात्रों (Donation Boxes) को नियमित अंतराल के बाद खोला गया था। महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) की देखरेख में जब इन पेटियों को खोला गया, तो उसमें नोटों का अंबार देखकर हर कोई हैरान रह गया। पूरी गणना के बाद यह आधिकारिक तौर पर सामने आया कि दान स्वरूप मंदिर को 2 करोड़ रुपये नकद प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा विभिन्न देशों के भक्तों द्वारा चढ़ाई गई बहुमूल्य धातुओं और विदेशी नोटों का मूल्यांकन अभी अलग से किया जा रहा है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

  • कड़ी सुरक्षा के बीच नोटों की गिनती

महाबोधि मंदिर के दानपात्रों को खोलने और उनकी गिनती करने की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में की जाती है। इस बार भी मंदिर परिसर के भीतर बने एक विशेष कक्ष में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दानपेटियों को लाया गया।

गिनती के कार्य में बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी, कर्मचारी और बीटीएमसी के सदस्यों को तैनात किया गया था। नोटों की गड्डियां इतनी ज्यादा थीं कि उन्हें गिनने के लिए कई मशीनें लगानी पड़ीं। भारतीय मुद्रा में 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की संख्या सबसे अधिक थी। इसके साथ ही थाईलैंड, म्यांमार, वियतनाम, जापान, श्रीलंका, भूटान और अमेरिका जैसे देशों की मुद्राएं (विदेशी करेंसी) भी दानपात्रों से प्रचुर मात्रा में प्राप्त हुईं, जिन्हें अलग कर एक्सचेंज रेट के हिसाब से आंका जा रहा है।

इस बंपर चढ़ावे को लेकर महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया है। मंदिर समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "महाबोधि मंदिर के प्रति वैश्विक स्तर पर लोगों की आस्था लगातार मजबूत हो रही है। इस बार पर्यटन सीजन के दौरान विदेशी भक्तों की आमद बहुत अच्छी रही, जिसका सीधा असर दानपात्र के कलेक्शन में दिखाई दे रहा है। विदेशी भक्तों ने न केवल आध्यात्मिक शांति पाई बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए खुलकर दान भी दिया है।"

वहीं बोधगया आए थियान-सा नामक एक वियतनामी बौद्ध भिक्षु ने कहा, "यह स्थान पूरी दुनिया के बौद्धों की आत्मा है। यहाँ आकर दान देना हमारे दर्शन में पुण्य का काम माना जाता है। हमें खुशी है कि हमारा सहयोग इस पवित्र परिसर के रखरखाव में काम आएगा।"

  • पर्यटन और विकास को मिलेगी गति

दानपात्र से निकले इस विशाल फंड का सकारात्मक प्रभाव सीधे तौर पर बोधगया के बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ेगा। प्राप्त राशि को बीटीएमसी के आधिकारिक बैंक खाते में जमा करा दिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं: इस राशि का एक बड़ा हिस्सा मंदिर आने वाले गरीब और जरूरतमंद तीर्थयात्रियों के लिए आवास, चिकित्सा और पेयजल सुविधाओं को अपग्रेड करने में खर्च होगा।

सुरक्षा और रखरखाव: महाबोधि वृक्ष की सुरक्षा, मंदिर की नक्काशी के संरक्षण और पूरे परिसर को हाई-टेक सर्विलांस के दायरे में रखने के लिए बजट को मजबूती मिलेगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था का संकेत: दान की यह रिकॉर्ड राशि दर्शाती है कि गया और बोधगया में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पूरी तरह पटरी पर लौट आया है, जिससे स्थानीय होटल, गाइड और हस्तशिल्प व्यापारियों को भी बड़ा संबल मिल रहा है।

इस सफल गणना के बाद अब मंदिर प्रबंधन समिति आगामी अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलनों और मानसून सत्र के दौरान होने वाले विशेष प्रार्थना पिताओं (Prayer Festivals) की तैयारियों में जुट गई है। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हवाई संपर्क और स्थानीय परिवहन को और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर नई रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि आने वाले समय में देश का नाम वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और चमके।

Also Read- मेजा तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिले मंत्री नंदी, सौंपा 15 लाख का चेक और जमीन के पट्टे

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।