UP Polytechnic Admission 2026: 197 पॉलीटेक्निक संस्थानों की 58,776 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को हरी झंडी, प्राविधिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश

यूपी के 197 राजकीय, अनुदानित और पीपीपी पॉलीटेक्निक संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 58,776 सीटों पर प्रवेश को मंजूरी मिल गई है। प्राविधिक शिक्षा परिषद ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।

By INA News Desk
Sep 22, 2026 - 11:18
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UP Polytechnic Admission 2026: 197 पॉलीटेक्निक संस्थानों की 58,776 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को हरी झंडी, प्राविधिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाने और युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष डिप्लोमा इंजीनियर के रूप में तैयार करने की दिशा में प्राविधिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (BTEUP) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश भर के 197 पॉलीटेक्निक संस्थानों में 58 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। स्वीकृत विवरण के अनुसार, इस वर्ष राजकीय, सहायता प्राप्त (अनुदानित) और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित कुल 197 प्रमुख पॉलीटेक्निक संस्थानों में 58,776 सीटों पर छात्रों को नियमित प्रवेश दिया जाएगा।

प्राविधिक शिक्षा निदेशालय की ओर से संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP) को इस संबंध में अधिकृत सीट मैट्रिक्स प्रेषित कर दिया गया है। विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि प्रवेश परीक्षा की मेरिट और ऑनलाइन काउंसलिंग के आधार पर सीटों का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से संपन्न कराया जाए, ताकि नया शैक्षणिक सत्र बिना किसी विलंब के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार संचालित हो सके।

197 संस्थानों में सीट आवंटन

उत्तर प्रदेश में तकनीकी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है। शासन स्तर पर इस वर्ष बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और एआईसीटीई (AICTE) के मानकों का सत्यापन कराने के बाद 197 संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित करने की हरी झंडी दी गई है।

स्वीकृत की गई 58,776 सीटों में प्रदेश के 150 से अधिक पूरी तरह राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, 19 अनुदानित पॉलीटेक्निक और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित पीपीपी मॉडल के संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में परंपरागत कोर इंजीनियरिंग ब्रांचों सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (प्रोडक्शन/ऑटोमोबाइल), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के साथ-साथ आधुनिक युग की रोजगारोन्मुख विधाओं जैसे कंप्यूटर साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और आर्किटेक्चरल असिस्टेंटशिप के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

उद्योगों की मांग के अनुरूप नए और इमर्जिंग कोर्सेज को प्राथमिकता

प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस सत्र में पाठ्यक्रम और सीटों के आवंटन में औद्योगिक आवश्यकताओं को विशेष प्राथमिकता दी है। हाल के वर्षों में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तकनीकी जनशक्ति की मांग तेजी से बढ़ी है।

अधिकारियों के अनुसार, कई प्रमुख राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में पुरानी और अप्रासंगिक हो चुकी ब्रांचों की सीटों को युक्तिसंगत बनाते हुए उनके स्थान पर ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे स्पेशलाइज्ड डिप्लोमा कोर्सेज की सीटें जोड़ी गई हैं। इसका सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो तीन वर्षीय डिप्लोमा पूरा करने के बाद विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और तकनीकी सेवा क्षेत्र में सीधे बेहतर पैकेज पर रोजगार पाना चाहते हैं।

प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग प्रक्रिया के कड़े नियम

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से सीटें आवंटित की जाएंगी। शासन ने निर्देश दिए हैं कि:

  • दस्तावेज सत्यापन: सीट आवंटन के बाद हेल्प सेंटर स्तर पर अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों, मूल निवास, जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाण पत्रों का सूक्ष्म सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।

  • बायोमीट्रिक उपस्थिति: काउंसलिंग और कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बायोमीट्रिक और डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू रहेगी।

  • समयबद्ध दाखिला: निर्धारित चरणों की काउंसलिंग के बाद यदि सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो उनके लिए विशेष स्पॉट राउंड काउंसलिंग आयोजित की जाएगी ताकि किसी भी राजकीय या अनुदानित संस्थान में सीटें खाली न रहें।

ग्रामीण और कस्बाई युवाओं के लिए किफायती तकनीकी शिक्षा का माध्यम

निजी इंजीनियरिंग और डिप्लोमा कॉलेजों की भारी-भरकम फीस की तुलना में राजकीय एवं अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थान निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों के मेधावी छात्रों के लिए तकनीकी शिक्षा का सबसे किफायती और विश्वसनीय माध्यम माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इन संस्थानों में नाममात्र के शुल्क पर उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा, सुसज्जित लैब और हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही, समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा भी पात्र विद्यार्थियों को मिलती है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 58 हजार से अधिक सीटों पर यह दाखिला अभियान न केवल प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश में स्थापित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और औद्योगिक गलियारों को कुशल तकनीकी कार्यबल (टेक्निकल वर्कफोर्स) उपलब्ध कराने में भी रीढ़ साबित होगा।

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