यूपी में बारिश पर लगेगा ब्रेक, पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई के संकेत, जानें मौसम का नया अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर की नमी से यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के अनुकूल संकेत।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में सक्रिय विभिन्न मौसमी प्रणालियों के संयुक्त असर से प्रदेश के कई अंचलों में बादलों की गरज, आकाशीय बिजली की चमक और तेज झोंकेदार हवाओं के बीच हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार निचले क्षोभमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के ऊपर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत है। वहीं सौराष्ट्र और उससे सटे पूर्वोत्तर अरब सागर पर केंद्रित कम दबाव के क्षेत्र से शुरू होकर बीकानेर, रोहतक, बरेली, बस्ती, डेहरी, रांची तथा दीघा होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही मानसूनी ट्रफ रेखा के चलते अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इन सभी प्रणालियों के प्रभाव से कुछ जनपदों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें गिरी हैं। हालांकि अब इस मानसूनी बारिश के दौर में धीरे-धीरे कमी आने का क्रम प्रारंभ हो रहा है। वायुमंडलीय परिस्थितियों में हो रहे बदलाव के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में वर्षा का सिलसिला थम जाएगा और इसके उपरांत पूरे प्रदेश में मौसमी गतिविधियां शांत होकर वातावरण पूरी तरह शुष्क हो जाने का अनुमान है।
इसके साथ ही देश के पश्चिमोत्तर भाग से वर्षा ऋतु की विदाई का मार्ग भी प्रशस्त होने लगा है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की क्रमिक वापसी के लिए मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं। हवा के बदलते रुख और नमी के स्तर में आ रही गिरावट से यह स्पष्ट हो रहा है कि आने वाले समय में प्रदेशवासियों को मानसूनी झमाझम बारिश से राहत मिलेगी और धूप खिलने के साथ ही मौसम साफ व शुष्क बना रहेगा।
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