यूपीआईटीएस में चमकेगा बिजनौर का हुनर, नगीना की काष्ठ कला समेत 10 इकाइयों को मिला वैश्विक मंच
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में बिजनौर की 10 प्रमुख इकाइयों का चयन हुआ है। नगीना की काष्ठ नक्काशी, विदुर हर्बल चाय और चुकंदर का गुड़ वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगे।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के आगामी संस्करण में बिजनौर जनपद की पारंपरिक दस्तकारी, आधुनिक शिल्प और कृषि आधारित खाद्य उत्पादों की चमक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिलेगी। प्रदेश सरकार द्वारा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किए जा रहे इस महाकुंभ के लिए बिजनौर जनपद से कुल दस प्रमुख औद्योगिक इकाइयों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों का चयन किया गया है। विश्वभर से आने वाले आयातकों, बड़े व्यापारिक घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के समक्ष नगीना की ऐतिहासिक काष्ठ कला, स्टोन शिल्प, हथकरघा वस्त्र, हर्बल उत्पाद और पारंपरिक मिष्ठान का प्रदर्शन किया जाएगा।
काष्ठ कला और आधुनिक शिल्प का संगम
नगीना का शीशम काष्ठ शिल्प: रोहित कुमार की 'आरके हैंडीक्राफ्ट', विक्रम सिंह चौहान की 'श्री जी क्राफ्ट' और तारिक अब्दुल्ला की फर्म 'हैंडओवर इंटरनेशनल' द्वारा शीशम की लकड़ी पर उकेरी गई नायाब नक्काशीदार कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
स्टोन शिल्प व वस्त्र उद्योग: अंकिता राजपूत की इकाई 'मलिहार' और शमीम अख्तर के नेतृत्व वाली 'नगीना क्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी' द्वारा पत्थर पर हस्तनिर्मित उत्पादों की नुमाइश होगी, जबकि मोहम्मद फैज की फर्म 'ए टू एफ टेक्सटाइल' अपने उच्च गुणवत्ता वाले हथकरघा वस्त्र पेश करेगी।
फैशन व कॉस्मेटिक सेक्टर: आधुनिक अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार सलीम अहमद की इकाई 'हेयर फैशन इंडिया' द्वारा तैयार प्रीमियम हेयर विग की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
प्रदर्शनी में कृषि नवाचार और पारंपरिक खान-पान से जुड़ी इकाइयों को भी विशेष स्थान दिया गया है। महाभारत कालीन पौराणिक पृष्ठभूमि से जुड़ी 'विदुर हर्बल टी' का प्रदर्शन वासुदेव सिंह की इकाई 'वीएस ग्रुप' द्वारा किया जाएगा। वहीं प्राकृतिक मिठास के नए विकल्प के रूप में विजेंद्र कुमार की कंपनी 'क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' द्वारा चुकंदर से तैयार सफेद गुड़ (व्हाइट बीटरूट जैगरी) और पशु आहार साइलेज को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय मिष्ठान परंपरा के तहत नवनीत कुमार की फर्म 'चतुर्वेदी फूड प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा निर्मित बतीसा, सोहनपापड़ी और खस्ता गजक का स्वाद देश-विदेश के खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।
कुटीर व ग्रामीण उद्योगों को सीधा लाभ
बिचौलियों की समाप्ति: स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को संस्थागत निवेशकों व विदेशी बायर्स से सीधे व्यापारिक संवाद (B2B) का अवसर मिलेगा।
स्थायी रोजगार का सृजन: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने पर पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों, बुनकरों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े ग्रामीण परिवारों को निरंतर काम मिलेगा।
निर्यात क्षमता में विस्तार: अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के आधार पर स्थानीय उत्पादों के लिए नए विदेशी बाजारों के द्वार खुलेंगे।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग अमित कुमार ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन जनपद के हुनरमंद कारीगरों और उद्यमियों के लिए अपनी साख वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि जिले से चयनित सभी दस इकाइयों के उत्पादों में वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की पूरी क्षमता मौजूद है। उद्योग विभाग का मुख्य प्रयास इन इकाइयों को बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर ठोस और दीर्घकालिक व्यापारिक अनुबंध कराना है, ताकि जनपद के निर्यात कारोबार को नई ऊंचाइयां मिल सकें।
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