UPPSC 2025 Mains: समाज कल्याण विभाग की मुफ्त कोचिंग से चमकी प्रतिभा, 74 अभ्यर्थियों ने पास की मुख्य परीक्षा
यूपीपीएससी-2025 मुख्य परीक्षा में समाज कल्याण विभाग की निःशुल्क आवासीय कोचिंग के 74 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। अब विभाग साक्षात्कार के लिए मॉक इंटरव्यू कराएगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग केंद्रों में तैयारी करने वाले 74 छात्र-छात्राओं ने मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार (इंटरव्यू) चरण में अपनी जगह बनाई है। बिना किसी भारी-भरकम फीस के केवल सरकारी मार्गदर्शन और सुविधाओं के सहारे मिली यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो वित्तीय तंगी के कारण प्रशासनिक सेवा की महंगी कोचिंग से वंचित रह जाते हैं।
विभागीय स्तर पर जारी सूचना के अनुसार, प्रदेश में संचालित विभिन्न पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों में से मुख्य रूप से तीन बड़े केंद्रों के अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले इन 74 अभ्यर्थियों के लिए विभाग अब अंतिम चयन के लिहाज से विशेष साक्षात्कार प्रशिक्षण और मॉक इंटरव्यू सत्र आयोजित करने जा रहा है।
तीन प्रमुख केंद्रों से 74 मेधावियों ने मारी बाजी
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले 74 छात्र तीन अलग-अलग आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े हैं।
केंद्रवार चयन के आंकड़े इस प्रकार हैं:
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भागीदारी भवन (लखनऊ): राजधानी स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (भागीदारी भवन) से सबसे अधिक 35 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा पास की है।
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राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र (हापुड़): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित इस केंद्र से 21 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
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आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (अलीगंज, लखनऊ): अलीगंज स्थित केंद्र से 18 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की बाधा पार कर साक्षात्कार के लिए अर्हता पाई है।
अधिकारियों का कहना है कि तीनों केंद्रों से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का मुख्य परीक्षा में चयनित होना यह साबित करता है कि सरकारी कोचिंग व्यवस्था में अध्ययन सामग्री और अध्यापन का स्तर निजी संस्थानों की तुलना में किसी भी दृष्टि से कमतर नहीं है।
6 लाख रुपये तक आय सीमा वाले युवाओं को मिलती हैं आधुनिक सुविधाएं
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की देखरेख में वर्तमान में कुल 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में दाखिला एक पारदर्शी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दिया जाता है। इस योजना का लाभ उन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रदान किया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 6 लाख रुपये तक है।
चयनित अभ्यर्थियों को इन केंद्रों पर पढ़ाई के साथ-साथ संपूर्ण आवासीय परिवेश दिया जाता है। इसके तहत:
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निःशुल्क छात्रावास (आवासीय सुविधा) और पौष्टिक भोजन हेतु मेस संचालन
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समृद्ध पुस्तकालय, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की अद्यतन पुस्तकें उपलब्ध रहती हैं
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डिजिटल अध्ययन के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई व्यवस्था
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अनुभवी विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाएं और विशेष नोट्स
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समयबद्ध मूल्यांकन के लिए साप्ताहिक एवं मासिक टेस्ट सीरीज
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छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खेलकूद, व्यायामशाला (जिम) और मनोरंजन की सुविधाएं
इस सर्वांगीण व्यवस्था का लाभ यह होता है कि छात्र बिना किसी पारिवारिक या आर्थिक दबाव के पूरा समय केवल अपनी पढ़ाई पर केंद्रित कर पाते हैं।
इंटरव्यू के लिए आयोजित होंगे विशेष मॉक सत्र
मुख्य परीक्षा के परिणाम आने के बाद अब चयनित 74 अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया के तीसरे और अंतिम पड़ाव यानी साक्षात्कार (पर्सनैलिटी टेस्ट) में शामिल होंगे। आयोग के समक्ष साक्षात्कार बोर्ड के सवालों का आत्मविश्वास और स्पष्टता से उत्तर देने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की रूपरेखा तय कर ली गई है।
विभाग जल्द ही इन अभ्यर्थियों के लिए पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों (आईएएस/आईपीएस/पीसीएस), विषय विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों के पैनल द्वारा 'मॉक इंटरव्यू' का आयोजन करेगा। इन अभ्यास सत्रों के माध्यम से अभ्यर्थियों की बॉडी लैंग्वेज, संचार कौशल, वर्तमान समसामयिक घटनाओं पर दृष्टिकोण और निर्णय लेने की क्षमता का बारीक विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही, वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए छात्रों को उनकी कमियां बताकर उनमें सुधार कराया जाएगा, ताकि अंतिम चयन सूची में वे शीर्ष रैंक हासिल कर सकें।
प्रतिभा को अवसर देना सरकार का संकल्प: असीम अरुण
74 अभ्यर्थियों की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी प्रतिभावान युवा का प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना केवल इसलिए न टूटे कि उसके पास कोचिंग के पैसे नहीं हैं।
विभागीय मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के आवासीय कोचिंग केंद्र अब पारंपरिक ढर्रे से निकलकर परिणामोन्मुखी शिक्षा का केंद्र बन चुके हैं। आधुनिक तकनीक, डिजिटल क्लासरूम और टेस्ट सीरीज के संयोजन से छात्रों की तैयारी को धार दी जा रही है। 74 युवाओं की यह सफलता विभागीय प्रयासों की सार्थकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिम परिणाम आने पर भी ये अभ्यर्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में शामिल होंगे।
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