Vrindavan Gurukul Tragedy: वृंदावन में पानी की टंकी की सफाई के दौरान निजी गुरुकुल के 4 छात्रों की दर्दनाक मौत, इलाके में कोहराम

मथुरा के वृंदावन स्थित एक निजी गुरुकुल में पानी की टंकी साफ करते समय 4 छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

By INA News Desk
Oct 7, 2026 - 15:30
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Vrindavan Gurukul Tragedy: वृंदावन में पानी की टंकी की सफाई के दौरान निजी गुरुकुल के 4 छात्रों की दर्दनाक मौत, इलाके में कोहराम
  • Mathura News: वृंदावन के गुरुकुल में बड़ा हादसा, वाटर टैंक साफ करने उतरे 4 विद्यार्थियों की गई जान, पुलिस जांच में जुटी
  • वृंदावन हादसा: जहरीली गैस या दम घुटने से 4 छात्रों की मौत? गुरुकुल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
  • UP News: वृंदावन में दर्दनाक घटना, निजी गुरुकुल के चार छात्रों ने पानी की टंकी में गंवाई जान, प्रशासनिक अमला मौके पर

वृंदावन (मथुरा): उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में बुधवार को एक निजी गुरुकुल परिसर से दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। यहां परिसर में बनी भूमिगत या ओवरहेड पानी की टंकी की सफाई करने उतरे चार युवा छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आनन-फानन में सभी छात्रों को अचेत अवस्था में टंकी से बाहर निकालकर नजदीकी संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत चारों को मृत घोषित कर दिया।

धार्मिक और शैक्षणिक वातावरण वाले इस संस्थान में हुए इस बड़े हादसे ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रबंधन की गंभीर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है, ताकि मौत के सही चिकित्सीय कारणों का खुलासा हो सके।

  • कैसे हुआ हादसा: एक के बाद एक टंकी में उतरे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, गुरुकुल परिसर में पेयजल और दैनिक उपयोग के लिए स्थापित पानी की बड़ी टंकी की सफाई का कार्य कराया जा रहा था। व्यवसायिक सफाई कर्मियों या विशेषज्ञों को बुलाने के बजाय गुरुकुल में अध्ययनरत छात्रों को ही सफाई के काम में लगा दिया गया था।

बताया जा रहा है कि एक छात्र सबसे पहले सफाई के लिए टंकी के भीतर उतरा था। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला और भीतर से कोई आवाज नहीं आई, तो उसे देखने और सहायता करने के लिए दूसरा छात्र भीतर दाखिल हुआ। भीतर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते वह भी बेहोश हो गया। इसके बाद एक-एक कर दो अन्य छात्र भी अपने साथियों को बचाने के प्रयास में टंकी के अंदर उतरे और वे भी अचेत होकर वहीं गिर पड़े। जब काफी देर तक चारों में से कोई बाहर नहीं आया, तब जाकर प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई और शोर मचाया गया।

  • जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की आशंका

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद टंकी को काटकर या उसके संकरे रास्ते से चारों छात्रों को बाहर निकाला।

चिकित्सकों और बचाव दल के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, लंबे समय से बंद या गहरे वाटर टैंकों में हानिकारक गैसों (जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड) का जमावड़ा हो जाता है। इसके अलावा, संकरी और बंद जगहों में ऑक्सीजन का स्तर अत्यंत तेजी से गिरता है। प्राथमिक दृष्टि से आशंका जताई जा रही है कि टंकी में उतरते ही छात्र 'हाइपोक्सिया' (ऑक्सीजन की कमी) या जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें संभलने या मदद के लिए पुकारने तक का मौका नहीं मिला। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विसरा और पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही रासायनिक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

  • गुरुकुल प्रबंधन पर उठे सवाल

इस हृदयविदारक घटना ने गुरुकुल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है:

छात्रों से खतरनाक श्रम क्यों?: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बंद और जोखिम भरे वाटर टैंक की सफाई के लिए पेशेवर तकनीकी कर्मियों या मशीनों का उपयोग क्यों नहीं किया गया और अध्ययनरत छात्रों को जान जोखिम में डालने के लिए क्यों कहा गया?

सुरक्षा उपकरणों का अभाव: सफाई के दौरान छात्रों के पास न तो कोई मास्क था, न ऑक्सीजन सपोर्ट और न ही कोई सुरक्षा बेल्ट।

लापरवाही की धाराओं में जांच: स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित छात्रों के परिजनों की तहरीर और प्रशासनिक जांच के आधार पर गुरुकुल के जिम्मेदार संचालकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या या गंभीर लापरवाही (बीएनएस की सुसंगत धाराओं) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और टंकी की बनावट, गहराई और सफाई प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की वीडियोग्राफी कराई।

गुरुकुल में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों को दुर्घटना की जानकारी दे दी गई है। अपने बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे वृंदावन के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है कि जिन बच्चों को अध्ययन और संस्कार सीखने के लिए भेजा गया था, उनसे इस प्रकार का जोखिम भरा काम क्यों कराया गया। प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराने का आश्वासन दिया है।

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