Bihar Politics: महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सम्राट चौधरी के बयान से बवाल, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर घेरा

बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध के वायरल वीडियो पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान से सियासी घमासान छिड़ गया है। विपक्ष ने सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है।

By INA News Desk
Oct 7, 2026 - 15:27
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Bihar Politics: महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सम्राट चौधरी के बयान से बवाल, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर घेरा
  • Samrat Choudhary Statement: अपराध के वायरल वीडियो पर बिहार के डिप्टी सीएम का विवादित बयान, सियासी गलियारों में तीखी नोकझोंक
  • बिहार में महिला सुरक्षा पर सियासी घमासान: सम्राट चौधरी के 'पांच ही वीडियो' वाले बयान पर भड़की राजद और कांग्रेस
  • Bihar Crime Controversy: वायरल वीडियो को लेकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की टिप्पणी पर विवाद, सरकार ने दी सफाई

पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को लेकर राज्य की सियासत में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी द्वारा महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों पर दिए गए एक बयान ने राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर वायरल हो रहे अपराध के मामलों पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पूरे बिहार में क्या केवल पांच ही वीडियो सामने आए हैं। इस टिप्पणी के बाद मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और अन्य वामपंथी दलों ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

विपक्ष ने इस बयान को महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के प्रति सत्ता पक्ष की घोर असंवेदनशीलता करार दिया है। वहीं, मामले के तूल पकड़ने के बाद सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है और राज्य सरकार कानून का राज स्थापित करने तथा अपराधियों पर कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • क्या है पूरा मामला और किस संदर्भ में दिया गया बयान?

हाल के दिनों में बिहार के विभिन्न जिलों से महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, छेड़खानी और हिंसा से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। विपक्षी दलों ने इन घटनाओं को आधार बनाकर राज्य सरकार पर हमला बोला था और आरोप लगाया था कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण समाप्त हो चुका है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।

पत्रकारों द्वारा जब इन वायरल वीडियोज और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछा गया, तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए यह टिप्पणी की। उनके कहने का आशय यह दर्शाना था कि विपक्ष कुछ चुनिंदा घटनाओं को जरूरत से ज्यादा तूल देकर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर झूठा नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उनके बयान के शब्दों "पूरे बिहार में बस पांच ही वीडियो निकला?" को विपक्ष ने सीधे तौर पर अपराध को कमतर आंकने और पीड़ितों के प्रति संवेदनहीनता के रूप में प्रस्तुत कर दिया।

  • विपक्ष का तीखा हमला: 'अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों का उपहास'

उपमुख्यमंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने एक सुर में सरकार पर निशाना साधा:

राष्ट्रीय जनता दल (RJD): नेता प्रतिपक्ष और राजद के वरिष्ठ नेताओं ने बयान की तीखी भर्त्सना करते हुए कहा कि जब सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग अपराध की घटनाओं को आंकड़ों और वीडियो की संख्या में तौलने लगें, तो पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि एक भी महिला के खिलाफ हुआ अपराध अक्षम्य है और सरकार को इस पर शर्मिंदगी जताने के बजाय आंकड़ों की राजनीति नहीं करनी चाहिए।

कांग्रेस और वाम दल: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ बढ़ा है और सरकार वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी का सहारा ले रही है। महिला संगठनों ने भी इस बयान पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग उठाई है।

  • भाजपा और जदयू का पलटवार: 'बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा'

विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ताओं ने सम्राट चौधरी का बचाव किया है। सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि उपमुख्यमंत्री का इरादा किसी भी घटना को कमतर आंकना नहीं था, बल्कि वे विपक्ष के उस दुष्प्रचार का जवाब दे रहे थे जिसमें पूरे राज्य को अपराध ग्रस्त घोषित करने की साजिश की जा रही है।

  • सरकारी प्रतिनिधियों के अनुसार:

त्वरित पुलिस कार्रवाई: वायरल हुए सभी मामलों में पुलिस मुख्यालय और संबंधित जिला पुलिस कप्तानों ने तत्काल संज्ञान लेकर प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं और अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

स्पीडी ट्रायल: सरकार महिला अपराधों के मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को कम से कम समय में सजा दिलाने की नीति पर काम कर रही है।

जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका कोई भी राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव क्यों न हो।

इस सियासी तकरार ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की मुस्तैदी और साइबर अपराध से जुड़े पहलुओं को विमर्श के केंद्र में ला दिया है। जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में अपराध से जुड़े वीडियो का वायरल होना जहां जांच में तकनीकी साक्ष्य बनता है, वहीं यह भी दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर गश्त और सतर्कता को और कड़ा करने की जरूरत है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और सड़क दोनों जगह राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना है, क्योंकि आगामी चुनावों के मद्देनजर विपक्षी खेमा कानून-व्यवस्था को सरकार के खिलाफ सबसे प्रमुख हथियार बनाने में जुटा है।

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