Hathras Eye Donation: हाथरस में 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मरणोपरांत नेत्रदान से दो लोगों को मिली नई रोशनी
हाथरस में 78 वर्षीय मधुबाला अग्रवाल के निधन के बाद परिवार ने नेत्रदान कराया। देहदान कर्तव्य संस्था और डॉ श्रॉफ आई केयर के सहयोग से प्रक्रिया पूरी हुई।
हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित बसंत बाग कॉलोनी निवासी 78 वर्षीय मधुबाला अग्रवाल के निधन के बाद उनके परिवार ने नेत्रदान कराकर समाज के सामने मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की है। उनके इस फैसले से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में फिर से उजाला लौट सकेगा।
मधुबाला अग्रवाल ने अपने जीवनकाल में ही मरणोपरांत नेत्रदान करने की इच्छा जताई थी। उनके निधन के बाद पुत्र राजीव अग्रवाल मोनू और पूरे परिवार ने उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए तुरंत कदम उठाया। सूचना मिलने पर देहदान कर्तव्य संस्था के डॉक्टर एसके गौड़ ने वृंदावन स्थित डॉक्टर श्रॉफ आई केयर के डॉक्टर रोशन से संपर्क साधा, जिसके बाद अस्पताल की मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी संवेदनशीलता के साथ नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद मथुरा के यमुना घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
नेत्रदान पखवाड़े के दौरान संस्था के माध्यम से जिले में संपन्न हुए इस 127वें नेत्रदान को समाज के लिए बेहद प्रेरक कदम माना जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि पुरानी मान्यताओं को पीछे छोड़कर उठाया गया यह कदम अन्य लोगों को भी नेत्रदान के प्रति जागरूक करेगा। परिवार के इस मानवीय निर्णय और सहयोग की हर तरफ सराहना की जा रही है।
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