Special Article: पश्चिम बंगाल सरकार के 100 दिन- शुभेंदु के साहसिक निर्णयों से बदलता बंगाल 

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने पहले सौ दिन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। ये आरंभिक

Aug 19, 2026 - 11:06
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Special Article: पश्चिम बंगाल सरकार के 100 दिन- शुभेंदु के साहसिक निर्णयों से बदलता बंगाल 

लेखक: मृत्युंजय दीक्षित

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने पहले सौ दिन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। ये आरंभिक सौ दिन भरोसा दिलाते हैं कि साहसिक निर्णय लेते हुए ये सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र को अक्षरशः सिद्ध करेगी। बंगाल सरकार ने प्रदेश के नागरिकों के समक्ष लिए गए अपने उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सेवा और सुशासन के संकल्पों को  क्रियान्वित करना आरंभ कर दिया है। सीमा सुरक्षा के लिए बाड़ लगाने के काम के साथ-साथ प्रदेश के आम जन को सुरक्षा का वातावरण देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू कर दिया गया है। सेवा कार्यों के अंतर्गत पेंशन योजना में वृद्धि तथा मां आहार कैंटीन में मछली -चावल की व्यवस्था कर दी गई है। बंद पड़े उद्योग खुल रहे हैं।

जब शुभेंदु अधिकारी ने उत्तर प्रदेश के भगवा वस्त्र धारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श कर अपना कामकाज संभाला था तभी यह स्पष्ट हो गया था कि बंगाल भी योगी जी के पदचिन्ह्नों पर चलने वाला है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अत्यंत तीव्रता के साथ त्वरित निर्णय लेकर हिंदू समाज का भरोसा जीत रहे हैं। बंगाल में सत्ता संभालते ही शुभेंदु ने कई निर्णय लिए  जिनमें योगी जी के निर्णयों की झलक दिखाई पड़ रही है। धार्मिक स्थानो पर लाउडस्पीकर बंद करवाना तथा उनकी आवाज धीमी करवाना, अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर एक्शन, सभी विद्यालयों में सम्पूर्ण वंदेमातरम का गायन अनिवार्य करना इसके कुछ प्रमाण हैं। बंगाल की सड़कों पर नमाज व अन्य धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदी भी लगा दी गई है जिसको लेकर मुस्लिम समाज के लोग सडकों पर उतर आए  तथा कोलकाता में पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया तथा शहर को दंगों की आग मे झोंकने का प्रयास किया। दंगाइयों से निपटने में भी शुभेंदु सरकार ने योगी जी जैसा संकल्प दिखाया।कोलकाता के जिस थाने पर दंगांइयो ने हमला करने का प्रयास किया था वहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं  पहुंचे और पुलिस बल का मनोबल  हुए बढ़ाते हुए दंगाइयों व उपद्रवियों  के प्रति जीरो टालरेंस नीति अपनाने को कहा। 

सौ दिनों के अन्दर हुए निर्णयों में वर्ष 2021 के चुनावों के बाद बंगाल में हुई राजनैतिक हत्याओं  व हिंसक घटनाओं की सभी फाइलें खोलने का आदेश जारी होना भी है। इस निर्णय से घबरा कर ममता बनर्जी हाईकोर्ट पहुंच गयीं  और 2021 की हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए 2026 के चुनाव के बाद घटी कुछ छिटपुट घटनाओं को सनसनीखेज बताने का असफल प्रयास किया। बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसियों का प्रवेश संभव गया है जिससे प्रदेश में पिछले 69 वर्षों मे हुए भ्रष्टाचार की जांच में गति आ रही है। ईडी ने ममता बनर्जी के कई बड़े नेताओं  को हिरासत में भी ले लिया है। 

बंगाल के मुख्यमंत्री शभेंदु अधिकारी ने पदभार ग्रहण करते ही सीमा क्षेत्र में 145 एकड़ भूमि  बीएसफ को देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। सरकार का यह निर्णय बांग्लादेशी घुसपैठ की रोकथाम के लिए अहम है क्योंकि बंगाल की बांग्लादेश से लगी हुई जो लंबी सीमा खुली हुई थी उससे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठिए आसानी से प्रवेश कर लेते थे और देश के अन्य हिस्सों में घुस जाते थे। अब इस सीमा पर  फेंसिंग हो रही है। 

बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देने वाली व धर्म के आधार पर चलने वाली सभी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। नई सरकार वोटबैंक के पुराने ढर्रे को ध्वस्त करने के एजेंडे पर आगे बढ़ चुकी है। बंगाल कैबिनेट ने धर्म के आधार पर चलाई जा रही सभी वित्तीय सहायता योजनाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह मात्र एक प्रशासनिक फैसला नहीं अपितु बंगाल की राजनीतिक दिशा को बदलने वाला एक वैचारिक परिवर्तन है।चुनावी बिसात पर इमामों, मुअज्जिनों और पुरोाहितों के लिए शुरू की गई मासिक भत्ता योजनाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। उधर कोलकाता के युवाभारती क्रीडांगन परिसर में लगी व फुटबालर की आधी प्रतिमा को तोड़ने की घोषणा की है साथ ही इसे बंगाल सरकार की विभिन्न वेबसाइट से भी हटाया जा रहा है। 

दिसंबर 22 में अर्जेटीना के फुटबॉलर मेसी के कार्यक्रम में मची भगदड़ और कुप्रबंधन की जांच की जाएगी, उस घटना की फाइलें खोलने के आदेश जारी हो चुके हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी व अन्य सभी सहयोगी मंत्री यह बात लगातार कह रहे हैं कि जिन लोगों ने बंगाल को लूटा और जनता के मन मे भय पैदा किया उन सभी पर कार्यवाही जरूर की जाएगी जिसका असर स्पष्ट रूप से दिख भी रहा है। बंगाल में पड़ोसी राज्यों से ट्रकों की आवाजाही के दौरान जो कटमनी टीएमसी के लोग वसूलते थे वह बंद हो चुकी है। बंगाल का आलू अब पूरे भारत मे भेजा जा सकेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री के निजी अहंकार के कारण बंगाल की जनता आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित थी 15 अगस्त 2026 से आयुष्मान भारत योजना बंगाल में  लागू हो चुकी है। भाजपा ने बंगाल की महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में भी काम करना आरंभ कर दिया है। एक जून 2026 से महिलाओं  को 3000 रुपये की मासिक सहायता वाली अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दे दी गई है,  बस में फ्री यात्रा की सुविधा भी प्रारंभ हो चुकी है। 

बंगाल की धरती पर वंदेमातरम की गूंज व जयश्रीराम का नारा सुनाई दे रहा है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिरकारी की कार्य शैली में भाजपा के दो सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों योगी आदित्यनाथ व मुख्यमंत्री हिमंता की छाप दिख रही है। बंगाल परिवर्तन की डगर पर चल पड़ा है। 

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