दिवाली की तरह नेपाल में होता है पांच दिवसीय तिहार पर्व, कुत्ता होता है नेपाल में एक दिन शाही मेहमान

भगवान श्री रामचंद्र के द्वारा वनवास की अवधि पूरी करके अयोध्या वापस आने पर जहां भारतवर्ष में दीपोत्सव पर्व मनाने की परंपरा है वही श्री प्रभु राम की ससुराल मिथिला नगरी नेपाल में पूरे पांच दिनों तक धूमधाम से जश्न मनाया जाता है इस समय नेपाल में दीपावली त्यौहार को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है.

By INA News Desk
Oct 30, 2024 - 23:19
122 Views
दिवाली की तरह नेपाल में होता है पांच दिवसीय तिहार पर्व, कुत्ता होता है नेपाल में एक दिन शाही मेहमान

धूमधाम से मनाया जाता है पांच दिवसीय तिहार पर्व, पशु पक्षियों के प्रति देखने को मिलता है अनूठा प्रेम

कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए पीलीभीत- उत्तर प्रदेश

Pilibhit News INA.

यदि आपको पशु पक्षियों के प्रति प्रेम देखना है तो पड़ोसी देश नेपाल के लिए दीपावली के अवसर पर यात्रा करनी होगी वहां पर दीपावली की तरह कुकुर तिहार मनाया जाता है यह पर्व पांच दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है पर्व पर दीपावली के दूसरे दिन कुत्तों की पूजा की जाती है उन्हें तिलक लगाकर, माला पहनाकर, स्वादिष्ट भोजन एवं मिठाइयां खिलाकर विशेष सम्मान देकर ईश्वर से यह प्रार्थना की जाती है कि कुत्ता स्वर्ग में मनुष्य का सच्चा साथी होगा पांच दिनों वाले कुकुर त्योहार पर अन्य पशुओं एवं पक्षियों की भी पूजा की जाती है।
भगवान श्री रामचंद्र के द्वारा वनवास की अवधि पूरी करके अयोध्या वापस आने पर जहां भारतवर्ष में दीपोत्सव पर्व मनाने की परंपरा है वही श्री प्रभु राम की ससुराल मिथिला नगरी नेपाल में पूरे पांच दिनों तक धूमधाम से जश्न मनाया जाता है इस समय नेपाल में दीपावली त्यौहार को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है पड़ोसी देश नेपाल की सरहदें भले ही जुदा हो परंतु सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय त्योहारों की धूम देखने को मिल रही है यह बात अलग है कि वहां इन त्योहारों को मनाने के तरीके कुछ बदल जाते हैं। पीलीभीत जनपद की तहसील पूरनपुर के थाना हजारा एवं तहसील कलीनगर के थाना माधोटांडा क्षेत्र पड़ोसी देश नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक है। सीमा पार के पास कैलाली जनपद के गांव के घरों में दीपावली त्योहार को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है।

Also Read: Hardoi: सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर हुयी कार्रवाई, 42 हिरासत में, 19 को हिदायत देकर छोड़ा

नेपाल में दीपावली त्यौहार की तरह कुकुर तिहार पांच दिनों तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है यह त्योहार पशु पक्षियों के प्रति प्रेम प्रदर्शित करता है इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस पर्व के साथ हो गई है इस दिन कौवे की पूजा की गई है कौवे के लिए स्वादिष्ट पकवान पकाए गए और पकवानों एवं मिठाइयों को लोगों ने अपने घरों की छतों, आंगन, एवं मुंडेर आदि पर कौओं के खाने के लिए रख कर पर्व धूमधाम से मनाया। दूसरे दिन को कुकुर तिहार पर कुत्तों को विशेष सम्मान मिलता है इस दिन उन्हें माला पहनाकर, माथे पर तिलक लगाकर, स्वादिष्ट भोजन एवं मिठाईयां खिलाया जाता है यानी नेपाल में एक दिन कुत्ता भी शाही मेहमान बन कर शाही भोजन करता है ऐसी मान्यता है कि कुत्ता इंसान का सच्चा साथी है जो उसके साथ स्वर्ग तक जाता है हिंदू धर्म ग्रंथ महाभारत के अनुसार धर्मराज युधिष्ठिर की स्वर्ग यात्रा में कुत्ते ने उनका साथ दिया था तिहार के तीसरे दिन अमावस्या को गाय की पूजा की जाती है एवं सांयकाल को गणेश और लक्ष्मी का पूजन होता है घरों को सजाया संवारा जाता है रात भर गीत संगीत की महफिलें सस्ती है युवक युवतियां घर घर जाकर नृत्य करते हुए गृह स्वामियों से धन, अन्न, मिष्ठान एवं फल आदि ग्रहण कर एकत्र करते हैं जिसका सामूहिक भंडारे में प्रयोग किया जाता है चौथे दिन बैल की पूजा कर गोवर्धन पूजा की जाती है पांचवे और अंतिम दिन भाई टीका (भैया दूज)की रस्म होती है इस दिन बहनें भाइयों को टीका लगाती हैं उनकी आरती उतारती हैं और यमराज से प्रार्थना करती हैं कि उनके भाई को सुरक्षित रखें।

इसलिए होती है पशु पक्षियों की पूजा...

पड़ोसी देश नेपाल में दीपावली के अवसर पर तिहार पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भारत- नेपाल सीमावर्ती गांवों के लोगों का मानना है जैसी निकटता इन पशु पक्षियों की आम आदमी से होती है वैसी किसी और जानवर से नहीं नेपाल में इस पर्व की खासकर महिलाओं को साल भर से प्रतीक्षा रहती है महिलाएं गुंजा चोली पहन भायलो गीत गाती है और इनका नमन करती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow