21 स्कूलों पर कार्रवाई की आहट! अनफिट बसें दौड़ाईं तो मान्यता रद्द करने की तैयारी

बच्चों की जान जोखिम में डालकर बिना परमिट और अनफिट स्कूल बसें सड़क पर दौड़ाने वाले स्कूलों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने

Jul 4, 2026 - 21:29
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21 स्कूलों पर कार्रवाई की आहट! अनफिट बसें दौड़ाईं तो मान्यता रद्द करने की तैयारी
21 स्कूलों पर कार्रवाई की आहट! अनफिट बसें दौड़ाईं तो मान्यता रद्द करने की तैयारी

उवैस दानिश, सम्भल

  • 36 वाहनों के परमिट खत्म, 27 की फिटनेस फेल, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त

बच्चों की जान जोखिम में डालकर बिना परमिट और अनफिट स्कूल बसें सड़क पर दौड़ाने वाले स्कूलों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। जिले में 21 स्कूलों के वाहनों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि इस बार सिर्फ चालान या नोटिस नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी के नेतृत्व में स्कूल वाहनों की विशेष जांच की गई। जांच में बड़ा खुलासा हुआ। 36 स्कूल वाहनों के परमिट समाप्त मिले, जबकि 27 वाहनों की फिटनेस खत्म पाई गई। कई वाहन दोनों श्रेणियों में शामिल हैं, यानी करीब 40 वाहन नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को ढोते मिले। एआरटीओ ने बताया कि अब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय वाहन सुरक्षा समिति की बैठक होगी, जिसमें संबंधित स्कूल प्रबंधकों को अंतिम चेतावनी दी जाएगी। सभी स्कूलों को अपने वाहनों के परमिट, फिटनेस और सुरक्षा मानकों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। जिन स्कूलों को तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी परेशानी होगी, उनकी मदद भी की जाएगी, लेकिन नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन ने ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल, सेंट जिलानी और गुरुकुल पब्लिक स्कूल समेत कई बड़े स्कूलों से सीधे संपर्क कर कमियां दूर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा कि इस बार परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। बिना वैध परमिट और फिटनेस वाले स्कूल वाहनों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। यदि कोई स्कूल लगातार चेतावनी के बावजूद नियमों का पालन नहीं करता है तो उसकी मान्यता रद्द करने की संस्तुति भी की जा सकती है। प्रशासन का संदेश साफ है—बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है। जुलाई में स्कूल खुलने के साथ शुरू हुआ यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक जिले का हर स्कूल वाहन पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के अनुरूप नहीं हो जाता।

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