बलिया में गरजे अखिलेश यादव: अमेरिका के दूध और गोबर से ऊर्जा पर कसा तंज, भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला

बलिया में पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं में पहुंचे अखिलेश यादव। भाजपा की नीतियों, विदेशी दूध आयात और गिरती अर्थव्यवस्था पर साधा निशाना।

By INA News Desk
Oct 9, 2026 - 21:22
5 Views
बलिया में गरजे अखिलेश यादव: अमेरिका के दूध और गोबर से ऊर्जा पर कसा तंज, भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला

Report - Syed Asif Hussain Zaidi

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बलिया के बांसडीह क्षेत्र स्थित गोसाईपुर गांव पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय राम गोविंद चौधरी के तेरहवीं संस्कार में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्होंने ढांढस बंधाया और संवेदना प्रकट की।

सपा प्रमुख ने वरिष्ठ समाजवादी नेता को नमन करते हुए कहा कि वे जमीन से जुड़े और संघर्षों की भट्टी में तपे हुए नेता थे। उन्होंने जीवन पर्यंत समाजवादी मूल्यों और जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ाया। दुख के इस कठिन समय में पूरा समाजवादी दल उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सत्ताधारी दल के लोगों के विकास के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं और उनकी बातों से ऐसा लगता है मानो वे गोबर से परमाणु ऊर्जा तैयार कर लेंगे।

अर्थव्यवस्था और वैश्विक नीतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सामने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। एक तरफ आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बात की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ विदेशों में काम करने वाले दक्ष पेशेवरों की नौकरियां खतरे में पड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना सोचे-समझे नीतियां खोल दी हैं, जिससे स्थानीय हितों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

धार्मिक मान्यताओं और आयातित उत्पादों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी डेयरी उत्पादों को बाजार में उतारने से स्थानीय पशुपालकों का नुकसान होगा। उन्होंने पूछा कि जो लोग परंपरा और आस्था की दुहाई देते हैं, वे बाहर से आने वाले ऐसे उत्पादों पर क्या रुख अपनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश के घरेलू बाजार पर विदेशी कंपनियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है और आम नागरिक जिन संचार उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, उनमें से अधिकांश आयातित हैं। ऐसे में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के नारों की वास्तविकता सामने आ जाती है।

स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया में प्राथमिक शिक्षा का ढांचा चरमरा गया है, जहां बड़ी संख्या में स्कूल बंद या ध्वस्त स्थिति में हैं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तक सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हैं। बुनियादी जरूरतों की अनदेखी कर सिर्फ बयानबाजी के सहारे जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow