Hardoi: अस्तित्व फाउंडेशन का प्रशिक्षण शिविर बना महिलाओं और बच्चों के लिए आत्मनिर्भरता का मंच

अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा आयोजित पंचम 15 दिवसीय महिला सशक्तिकरण प्रशिक्षण शिविर का पंचम दिवस विभिन्न

By INA News Desk
Jun 6, 2026 - 17:16
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Hardoi: अस्तित्व फाउंडेशन का प्रशिक्षण शिविर बना महिलाओं और बच्चों के लिए आत्मनिर्भरता का मंच
अस्तित्व फाउंडेशन का प्रशिक्षण शिविर बना महिलाओं और बच्चों के लिए आत्मनिर्भरता का मंच
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हरदोई: अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा आयोजित पंचम 15 दिवसीय महिला सशक्तिकरण प्रशिक्षण शिविर का पंचम दिवस विभिन्न कौशल विकास गतिविधियों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में बच्चों एवं महिलाओं को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा रोजगारपरक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

सिलाई प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षिका नैन्सी द्वारा प्रतिभागियों को छह कली का पेटीकोट बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों ने माप लेना, कटिंग करना तथा सिलाई की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया। मेहंदी प्रशिक्षण में प्रशिक्षिका संध्या श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को मेहंदी कोन तैयार करने तथा उसके दबाव को नियंत्रित कर पतली एवं मोटी रेखाएँ बनाने की तकनीक सिखाई। इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को सुंदर एवं आकर्षक डिज़ाइन बनाने की बारीकियों की जानकारी प्राप्त हुई। ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण में संध्या श्रीवास्तव द्वारा प्रतिभागियों को हेयर कटिंग की प्रारंभिक तकनीकों की जानकारी दी गई तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।*डांस प्रशिक्षण* में प्रशिक्षक *शिवाय श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को लोकप्रिय गीत "बोले चूड़ियां" एवं "ऑल इज़ वेल" पर नृत्य का अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान ताल, लय, भाव-भंगिमाओं एवं समूह नृत्य की तकनीकों का अभ्यास कराया गया।*ढोलक प्रशिक्षण में  राममूर्ति जी* ने बच्चों को ढोलक के साथ टंकी एवं मंजीरा बजाने तथा सुर-ताल के अनुसार समूह में गायन करने का अभ्यास कराया।

इस प्रशिक्षण से बच्चों में संगीत के प्रति रुचि एवं लयबद्धता का विकास हुआ।*मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण* में प्रशिक्षक *अनुराग* एवं *रोहिणी शर्मा* द्वारा प्रतिभागियों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान पंचिंग तकनीकों के साथ चार प्रकार की किक्स का अभ्यास कराया गया, जिनमें *डोलियो किक (Dollyo Kick), स्लैब किक, चिकी किक एवं अप-चिकी किक* शामिल थीं। प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए।

इस अवसर पर अस्तित्व फाउंडेशन की अध्यक्ष ऋचा गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण बच्चों और महिलाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को सीखे गए कौशलों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। अस्तित्व फाउंडेशन की उपाध्यक्ष  लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि शिविर में प्रतिभागियों का उत्साह निरंतर बढ़ रहा है तथा सभी प्रशिक्षण सत्रों में उनकी सक्रिय सहभागिता संस्था के उद्देश्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है। यह प्रशिक्षण शिविर 15 जून 2026 तक निरंतर संचालित रहेगा, जिसमें प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

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