Developed India 2047: आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी, 43% कार्यबल में महिलाएं

नई दिल्ली। आयुष सेवा क्षेत्र महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर पैदा कर रहा है। हालिया आकलन के अनुसार

By INA News Desk
Oct 8, 2026 - 15:04
6 Views
Developed India 2047: आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी, 43% कार्यबल में महिलाएं

नई दिल्ली। आयुष सेवा क्षेत्र महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर पैदा कर रहा है। हालिया आकलन के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। वहीं अस्पतालों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और वेलनेस प्रतिष्ठानों जैसे संगठित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक है।

आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी को शामिल करने वाला आयुष सेवा क्षेत्र वर्ष 2024-25 में अनुमानित 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। वर्ष 2022-23 से इस क्षेत्र में 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई है। यह क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस, शिक्षा और अन्य संबंधित क्षेत्रों में लगभग 17.6 लाख आजीविकाओं को सीधे सहारा दे रहा है।

  • संगठित क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी अधिक

आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर आरआईएस (RIS) द्वारा जारी आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट के अनुसार, स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट में महिलाओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक, शैक्षणिक संस्थानों में 58 प्रतिशत, डे-केयर केंद्रों में 57 प्रतिशत और अस्पतालों में 53 प्रतिशत है। आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुष क्षेत्र का विस्तार स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस और शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के नए अवसर पैदा कर रहा है। इससे कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा मिल रहा है।

  • स्थानीय क्लीनिकों से 10 लाख से अधिक आजीविकाएं

रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय और स्वतंत्र रूप से संचालित क्लीनिकों से 10 लाख से अधिक आजीविकाएं जुड़ी हुई हैं। इससे आयुष क्षेत्र का रोजगार प्रभाव शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचने का संकेत मिलता है।आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि गुणवत्ता मानकों, कौशल विकास, डिजिटल सुविधाओं और मजबूत संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से संगठित आयुष सेवाओं का विस्तार रोजगार के अवसरों की संख्या और गुणवत्ता दोनों बढ़ा सकता है।

  • आयुर्वेद सबसे बड़ा क्षेत्र, 2047 तक 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक आयुष सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्र हैं। इनसे करीब 16.21 अरब डॉलर, यानी कुल राजस्व का 43.9 प्रतिशत प्राप्त होता है। वहीं डे-केयर केंद्रों से लगभग 10.13 अरब डॉलर का राजस्व आता है। आयुर्वेद आयुष की प्रमुख चिकित्सा प्रणालियों में सबसे बड़ा क्षेत्र है, जिससे करीब 17.73 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। वहीं वेलनेस क्षेत्र में 21.29 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर्ज की गई है और दो वर्षों में योग केंद्रों के राजस्व में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आयुष क्षेत्र मेडिकल वैल्यू ट्रैवल में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में इससे करीब 1.77 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ। आकलन के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र का आकार वर्ष 2024-25 के 36.92 अरब डॉलर से बढ़कर 2047 तक 216 से 318 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस, शिक्षा, अनुसंधान, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

Also Read- जमुई छेड़छाड़ कांड पर मंत्री श्रवण कुमार की दो टूक: 'घटना दुखद, लेकिन यह छिटपुट मामला; दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शेंगे'

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow