IPU Assembly: 153वीं आईपीयू विधानसभा में भारत की सक्रिय भागीदारी, हरिवंश के नेतृत्व में संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने रखे महत्वपूर्ण मुद्दे
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं
अरुशा (तंजानिया)। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) विधानसभा के तीसरे दिन 7 अक्टूबर 2026 को विभिन्न बैठकों, कार्यशालाओं और चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी की। आम चर्चा के दौरान हरिवंश ने “समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने सांसदों से पारदर्शिता मजबूत करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और जनता के विश्वास को बनाए रखने का आह्वान किया।
- विभिन्न समितियों और कार्यशालाओं में भारतीय सांसदों की भागीदारी
लोकसभा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने विभिन्न पीढ़ियों में मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल अतिभार, आर्थिक दबाव और अनिश्चितता से जुड़े विषय पर आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। लोकसभा सांसद अपराजिता सारंगी ने संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति की पैनल चर्चा में भाग लिया। वहीं बिजुली कलिता मेधी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य समूह तथा पर्वतीय और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा में भागीदारी की।
लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून के प्रवर्तन में संसदों की भूमिका पर पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने बाल अधिकारों के लिए नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से जुड़ी बैठकों में भी भाग लिया। डॉ. लता वानखेड़े ने बदलती जलवायु में स्वस्थ भोजन की उपलब्धता से संबंधित कार्यशाला में हिस्सा लिया। राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और वैश्विक आर्थिक स्थिरता से संबंधित विशेषज्ञ सुनवाई में भाग लिया।
- रूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने रूस की संघीय सभा की संघ परिषद के उपसभापति कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हरिवंश ने आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष तुलिया एकसन से भी मुलाकात की और संसदीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की।
- आईपीयू के इतिहास में पहली महिला महासचिव
राज्यसभा के महासचिव ने आईपीयू की नवनिर्वाचित महासचिव आंदा फिलिप से मुलाकात की। वह आईपीयू के 137 वर्ष के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। भारतीय संसद की ओर से लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देने के आईपीयू के प्रयासों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया गया।
- नेपाल का प्रस्ताव आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार
विधानसभा की कार्यसूची में आपातकालीन मद शामिल करने के लिए हुए मतदान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लिया। मतदान के बाद आईपीयू अध्यक्ष ने घोषणा की कि नेपाल द्वारा प्रस्तावित और भारत सहित अन्य देशों द्वारा समर्थित प्रस्ताव को आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार कर लिया गया। इस प्रस्ताव का विषय “जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने और हिमालयी क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में गतिशीलता सुदृढ़ करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई” है। इससे जलवायु आपदाओं और संवेदनशील क्षेत्रों की चुनौतियों पर अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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