Bajpur : 10 एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर एडीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठे ग्रामीण
विशाल नारंग ने एडीएम और एसडीएम अमृता शर्मा से मांग की है कि इस जमीन को उनके परिवार के नाम दर्ज कर कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सही स्थान चिन्हित किया, तो शहर में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है क्योंकि उस क्षेत्र में अब सरका
ब्यूरो चीफ : आमिर हुसैन
बाजपुर में जमीन विवाद के दो अलग-अलग मामलों ने तूल पकड़ लिया है। ग्राम चकरपुर निवासी विशाल नारंग ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बाजपुर शहर के रामलीला ग्राउंड, कोतवाली, तहसील और एसडीएम कोर्ट के पीछे के क्षेत्र में उनकी 10 एकड़ पैतृक भूमि है। विशाल के अनुसार, यह जमीन उनके दादा के नाम पर 11 अगस्त 1951 को तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर नैनीताल द्वारा आवंटित की गई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कर्मचारी पहले उन्हें यह कहकर गुमराह करते रहे कि यह जमीन गदरपुर में है, लेकिन दस्तावेजों से साफ हुआ कि जमीन बाजपुर के चकरपुर क्षेत्र में ही दर्ज है।
विशाल नारंग ने एडीएम और एसडीएम अमृता शर्मा से मांग की है कि इस जमीन को उनके परिवार के नाम दर्ज कर कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सही स्थान चिन्हित किया, तो शहर में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है क्योंकि उस क्षेत्र में अब सरकारी कार्यालय और कई आवास बन चुके हैं।
इसी दौरान हरलालपुर निवासी मतलूब और रवि कुमार ने भी एडीएम की गाड़ी के आगे बैठकर प्रदर्शन किया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि संजय बंसल, तिलक राज शर्मा और पदम बंसल ने हथियारों के बल पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। रवि कुमार का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल खड़ी होने के बावजूद विपक्षियों ने प्रशासन की अनुमति से उसे काट लिया। उन्होंने चकबंदी अधिकारी पर भी सुनवाई न करने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। दोनों मामलों में पीड़ितों ने हाथ जोड़कर प्रशासन से न्याय और अपनी जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
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