बलिया के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे डीएम, पीड़ितों को जमीन का पट्टा और मुआवजा देने के निर्देश, राहत कार्य तेज
बलिया डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बांसडीह के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। पीड़ितों को पट्टा, मुआवजा और राहत शिविरों में बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
Report- Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों में डीएम ने लिया राहत कार्यों का जायजा, पीड़ितों को जमीन का पट्टा और मुआवजा देने के निर्देश
बलिया जिले की बांसडीह तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए प्रशासनिक टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने ग्राम पर्वतपुर और भोजपुरवा का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
उन्होंने शिविरों में रह रहे पीड़ितों से सीधे बातचीत कर राशन, स्वच्छ भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को किसी भी प्रकार की कमी न होने देने की सख्त हिदायत दी।
पर्वतपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्थापित राहत शिविर में लगभग पचास लोगों के ठहरने का प्रबंध किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिविर में भोजन और आवास व्यवस्था को परखा। प्रभावित ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों के उपचार के लिए भी स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा टीमों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी ने मेडिकल टीम से आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और वितरण प्रणाली की पूरी जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद जिलाधिकारी ने नाव के जरिए पानी से घिरे भोजपुरवा गांव का रुख किया। वहां लगभग बीस लोग अपने मवेशियों के साथ मौजूद पाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सभी को नावों के जरिए सुरक्षित स्थलों और राहत शिविरों में जाने की सलाह दी तथा प्रशासनिक अमले को तत्काल सुरक्षित स्थानांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार को प्रभावित परिवारों के आवासों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बेघर पीड़ितों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें नियमानुसार जमीन का पट्टा दिया जाए और सभी पात्र पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता व मुआवजा दिलाया जाए।
बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत कार्यों के लिए नौ नावें लगाई गई हैं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के पैंतीस जवान लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी और तहसीलदार समेत तहसील प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?







