भाकियू टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन, एमएसपी गारंटी और कर्ज माफी की उठाई मांग

सहारनपुर में भाकियू टिकैत ने किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। धरने के दौरान युवा नेता का जन्मदिन भी केक काटकर मनाया गया।

Jul 22, 2026 - 11:51
 0  6
भाकियू टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन, एमएसपी गारंटी और कर्ज माफी की उठाई मांग

सहारनपुर में भाकियू टिकैत ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, एमएसपी गारंटी और कर्ज माफी समेत उठाईं कई मांगें

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने देश के किसानों, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण भारत से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में संगठन के युवा नेता और मंडल महासचिव आरिफ मलिक का जन्मदिन केक काटकर उत्साह के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय सचिव विनय कुमार, मंडल अध्यक्ष चौधरी अशोक कुमार, जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी, साजिद मलिक और उस्मान मलिक समेत बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मनाया गया यह जन्मदिन प्रदर्शन स्थल पर विशेष चर्चा में रहा।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संगठन बीते चार दशकों से किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए प्रयासरत है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र भारी संकट का सामना कर रहा है, जहां उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही कई राज्यों में गन्ना भुगतान अटका हुआ है और खाद की उपलब्धता न होने तथा प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

यूनियन ने विदेशी व्यापार समझौतों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि कृषि तथा दुग्ध क्षेत्र को बिना किसी सुरक्षा के विदेशी कंपनियों के लिए खोलने से देश के छोटे एवं सीमांत किसानों पर विपरीत असर पड़ेगा।

इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सरकारी खरीद की व्यवस्था कमजोर होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त 9 दिसंबर 2021 को सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों को भी अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मुख्य मांगें रखीं, जिनमें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने, किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ करने तथा मुफ्त सिंचाई व घरेलू उपयोग के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही गई। इसके अलावा मनरेगा में 200 दिन का रोजगार व 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी, खाद की पर्याप्त आपूर्ति और आपदा प्रभावित किसानों के लिए पारदर्शी मुआवजे की मांग भी मजबूती से उठाई गई।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow