Deoband News: देवबंद डाक बंगले के दुरुपयोग का आरोप, स्थानीय लोगों ने की चार साल के खर्चों के ऑडिट की मांग
Deoband Dak Bungalow: देवबंद स्थित सरकारी डाक बंगले पर अवैध कब्जे और सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। निवासियों ने जांच की मांग उठाई है।
Deoband News: देवबंद डाक बंगले के दुरुपयोग का आरोप, स्थानीय लोगों ने की चार साल के खर्चों के ऑडिट की मांग
सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित सरकारी डाक बंगले को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों और सूत्रों ने आरोप लगाया है कि यह विश्राम गृह अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है और कुछ लोग इसे अपने स्थायी ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कई सालों से कुछ लोग सुबह ही डाक बंगले में पहुंच जाते हैं और देर शाम तक वहीं बने रहते हैं। इस वजह से परिसर के बाहर लगातार गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है और बिना किसी तय अनुमति या पद के लोग दिनभर सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डाक बंगले में बिजली, एयर कंडीशनर और अन्य व्यवस्थाओं का लगातार इस्तेमाल हो रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। परिसर में दिनभर बैठकों का दौर चलने और कई तरह की गतिविधियों के संचालित होने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बिना अनुमति सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी नियमों के मुताबिक, डाक बंगलों का इस्तेमाल केवल मंत्री, सांसद, विधायक, न्यायिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ही तय प्रक्रिया के तहत कर सकते हैं। आम लोगों का बिना किसी प्रोटोकॉल के लंबे समय तक रुकना नियमों का साफ उल्लंघन है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि पिछले चार सालों के आवंटन रजिस्टर, आगंतुक पंजी, बिजली बिलों और अन्य खर्चों की पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जा सके।
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