यूपी में दिव्यांगजनों को दुकानों के आवंटन में मिलेगा 5 प्रतिशत आरक्षण, राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक में कई बड़े फैसले
दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में राज्य सलाहकार बोर्ड की 8वीं बैठक हुई। दुकानों के आवंटन में आरक्षण और अनुदान बढ़ाने पर फैसला हुआ।
दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक, दुकानों में 5 प्रतिशत आरक्षण और अनुदान बढ़ाने पर बनी सहमति
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित योजना भवन में दिव्यांगता विषय पर गठित राज्य सलाहकार बोर्ड की आठवीं बैठक आयोजित की गई। दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा, योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और उनके समावेशी विकास को गति देना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने स्वागत संबोधन के साथ किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि औद्योगीकरण और विकास प्राधिकरणों (यूपीडा व अन्य विकास प्राधिकरण) द्वारा व्यावसायिक दुकानों के आवंटन में दिव्यांगजनों का कोटा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकानों में भी दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने पर चर्चा की गई। राज्य सरकार द्वारा भरण-पोषण अनुदान की राशि बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है, जिससे चालू सत्र में 10 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं कुष्ठावस्था पेंशन के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से 13 हजार से अधिक पात्रों को सहायता दी गई है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए दुकान निर्माण हेतु मिलने वाले 20 हजार रुपये और संचालन के लिए मिलने वाले 10 हजार रुपये की राशि को अब पूर्ण रूप से अनुदान में बदलने का निर्णय लिया गया है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण अनुदान की सीमा को बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है, जिसमें अब स्मार्ट फोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर भी शामिल हैं। इसके साथ ही 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले 16 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। प्रत्येक जिले में प्रति वर्ष 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल बांटने का भौतिक लक्ष्य तय किया गया है।
दिव्यांग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रदेश में 21 विशेष विद्यालय तथा 7 नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। दृष्टिबाधित छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह की गई है और छोटे बच्चों के लिए 25 बचपन डे-केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं। राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए और मंडलों में विशेष शिविर लगाकर उपकरणों का वितरण किया जाए। सार्वजनिक भवनों का एक्सेस ऑडिट कराकर वहां रैंप, सुगम शौचालय और हैंडरेल जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, रामवीर सिंह, प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, जगद्गुरु रामभद्राचार्य राज्य विश्वविद्यालय और डॉक्टर शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलसचिवों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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