यूपी में गंगेग्राम और एग्री रूरल टूरिज्म से संवर रही गांवों की अर्थव्यवस्था, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश में एग्री रूरल और गंगेग्राम रूरल टूरिज्म परियोजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने उपलब्धियों की जानकारी दी।
एग्री रूरल और गंगेग्राम परियोजना से उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ्तार, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एग्री रूरल और गंगेग्राम रूरल टूरिज्म परियोजनाओं के माध्यम से गांवों का तेजी से विकास किया जा रहा है। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति, लोक कला, कृषि आधारित अनुभवों और गंगा तटीय सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार तथा आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। इसके तहत चयनित गांवों में होम-स्टे, फार्म-स्टे, मूलभूत पर्यटन संरचनाओं के विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं, महिलाओं और संचालकों का कौशल विकास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण पर्यटन को एक मजबूत आधार मिल रहा है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अब पर्यटन का दायरा शहरों से निकलकर गांवों तक पहुंच चुका है और इससे बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी जुड़ रही है। पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इस योजना को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। इसके अंतर्गत बागपत के पूरा महादेव को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव और बहराइच के कारीकोट गांव को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म का सम्मान मिल चुका है। इसके साथ ही मैनपुरी के भवन्त, गोरखपुर के औरंगाबाद, प्रयागराज के सिंगरौर तथा आनंद भवन पैलेस को भी पर्यटन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है।
पर्यटन मंत्री ने आगे जानकारी दी कि प्रतापगढ़ के राधा माधव होम-स्टे तथा पीलीभीत के सप्त सरोवर को सर्वश्रेष्ठ होम-स्टे का पुरस्कार मिला है। वहीं गाजियाबाद के रुबन रिजॉर्ट, प्रयागराज के लिविंग ग्रीन फार्म्स और आगरा के मड हाउस फार्म स्टे को सर्वश्रेष्ठ फार्म स्टे श्रेणी में सम्मानित किया गया है। स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों में लखनऊ के ललित निषाद, पीलीभीत की अनीता पाण्डेय और आगरा की रीना को सफल उद्यमियों की श्रेणी में राष्ट्रीय पहचान मिली है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य में ग्रामीण पर्यटन लगातार नए आयाम छू रहा है।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और बेहतर आवागमन के साधनों के कारण पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है। अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए गांवों में भी पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण कमरे उपलब्ध हैं। वर्ष 2025 में 1 अरब 58 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आगमन से राज्य के पर्यटन उद्योग को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। एक पर्यटक औसतन छह लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है, जिससे प्रदेश की पूरी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिल रही है।
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