Deoband : मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी के फैसले का देवबंदी उलेमा ने किया स्वागत, बताया बेहतर कदम
मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज होने की व्यवस्था सभी सरकारी विभागों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने सरकार से मांग भी उठाई कि यह डिजिटल हाजिरी प्रणाली सिर्फ मदरसों तक सीमित न रहे, ब
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सभी मदरसों में आधार पर आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने के फैसले का देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने स्वागत किया है। उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बेहद अच्छी व्यवस्था है, जिससे शिक्षण संस्थानों में सुधार आएगा और कामकाज का तरीका बेहतर होगा।
मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज होने की व्यवस्था सभी सरकारी विभागों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने सरकार से मांग भी उठाई कि यह डिजिटल हाजिरी प्रणाली सिर्फ मदरसों तक सीमित न रहे, बल्कि सरकारी अस्पतालों, सरकारी स्कूलों और उन सभी जगहों पर लागू की जानी चाहिए जहां सरकारी कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार हमेशा व्यवस्था को दुरुस्त करने और लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखकर योजनाएं लाती है। सरकार जो यह नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, वह तारीफ के काबिल है। इससे संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
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