देवबंद हाईवे फायरिंग का पर्दाफाश: प्रेम प्रसंग के विवाद में चली थी गोलियां, पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार
सहारनपुर के देवबंद में जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। हत्या के प्रयास में वांछित 3 आरोपियों को कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।
- Saharanpur Crime News: देवबंद हाईवे फायरिंग कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वांछित 3 आरोपी दबोचे
- देवबंद: जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
- Deoband Highway Firing: देवबंद में मेडिकल कॉलेज के पास हुई फायरिंग का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र में स्टेट हाईवे पर स्थित जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के समीप हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का स्थानीय पुलिस ने आधिकारिक तौर पर खुलासा कर दिया है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में हत्या के प्रयास के तहत दर्ज मुकदमे में नामजद तीन वांछित आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस को कारतूस और डंडे बरामद हुए हैं। इस हिंसक वारदात के पीछे दो पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा पुराना प्रेम प्रसंग का विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच जारी है।
यह पूरा मामला देवबंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टेट हाईवे का है, जहां दो जुलाई को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास सरेराह फायरिंग की गई थी। इस गोलीबारी की घटना में दो लोग छर्रे लगने की वजह से घायल हो गए थे। वारदात के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर देवबंद पुलिस ने जानलेवा हमले (हत्या के प्रयास) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में नामजद तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
जांच अधिकारी संदीप अधाना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो जुलाई को ग्राम खेड़ी आसा निवासी विशाल ने थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। पीड़ित विशाल का आरोप था कि जब वे स्टेट हाईवे पर जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास मौजूद थे, तभी पुरानी रंजिश के तहत कुछ युवकों ने उन पर जानलेवा नीयत से फायरिंग कर दी। प्राथमिकी के मुताबिक, इस हमले में अनवरपुर माजरा निवासी नीशू, पन्नू उर्फ विशेष और ग्राम बहादरपुर निवासी विशु उर्फ रिशु शामिल थे। फायरिंग के दौरान गोली के छर्रे लगने से विशाल सहित दो लोग जख्मी हो गए थे, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर देवबंद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देनी शुरू की। शनिवार को मुखबिर की सूचना और सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों नीशू, पन्नू उर्फ विशेष और विशु उर्फ रिशु को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जब अमली जामा तलाशी ली गई, तो उनके पास से छह जिंदा कारतूस, दो चले हुए कारतूस के खोखे और हमले में प्रयुक्त किए गए तीन डंडे बरामद हुए। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और तलाशी के दौरान वारदात में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियार यानी तमंचे या अवैध असलहे का सुराग नहीं लग सका है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर या अन्य माध्यमों से हथियार की बरामदगी के प्रयास में जुटी है ताकि कोर्ट में साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। देवबंद पुलिस अब इस केस की केस डायरी को मजबूत करने के लिए अन्य चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है। इसके साथ ही, वारदात में प्रयुक्त मुख्य हथियार (अवैध असलहा) की बरामदगी के लिए आरोपियों के संभावित ठिकानों और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है ताकि मामले की चार्जशीट जल्द से जल्द कोर्ट में दाखिल की जा सके।
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