देवबंद में भारी बारिश से गिरा कच्चा मकान: बाल-बाल बचे लोग, मदद की गुहार
देवबंद के परौली गांव में मूसलाधार बारिश से कच्चे मकान की छत गिरी। हादसे में परिवार बाल-बाल बचा, सारा घरेलू सामान मलबे में दबा। प्रशासन से मुआवजे की मांग।
देवबंद। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जारी रुक-रुक कर भारी बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के धराशायी होने का सिलसिला शुरू हो गया है। परौली गांव में तेज सीलन और पानी के दबाव के चलते एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य मकान के बाहर मौजूद थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और सभी लोग सुरक्षित बच गए।
परौली गांव के रहने वाले मुर्तजा मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि यह कच्चा मकान ही उनके परिवार के सिर छिपाने का एकमात्र सहारा था। क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के चलते मकान की कच्ची दीवारें और छत बेहद कमजोर हो गई थीं। अचानक जोरदार आवाज के साथ छत का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा, जिससे देखते ही देखते आशियाना मलबे के ढेर में बदल गया। छत गिरने से कमरे के भीतर रखा गृहस्थी का सारा जरूरी सामान, कपड़े और बर्तन मलबे में दबकर बर्बाद हो गए, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मदद के लिए मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने में सहयोग किया। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अब परिवार के सामने खुले आसमान के नीचे रहने और गंभीर आवासीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पीड़ित परिवार ने तहसील और जिला प्रशासन से मौके का स्थलीय निरीक्षण कराकर दैवीय आपदा अथवा आवास योजना के तहत त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, ताकि दोबारा सिर छिपाने का प्रबंध किया जा सके।
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