देवबंद में बिजली चोरी पर प्रशासन का कड़ा रुख: डीएम और एमडी ने संवेदनशील इलाकों में की छापेमारी, दी सख्त चेतावनी
देवबंद में बिजली चोरी रोकने के लिए डीएम अरविंद चौहान और विद्युत निगम के एमडी रवीश गुप्ता ने संवेदनशील क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश।
देवबंद। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विद्युत चोरी की निरंतर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और विद्युत वितरण निगम के शीर्ष नेतृत्व ने जमीन पर उतरकर कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अरविंद चौहान तथा विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने पुलिस व प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर बिजली चोरी के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित बस्तियों में पहुंचकर जमीनी हकीकत परखी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ तत्काल निर्णायक कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि जिस क्षेत्र से भी अवैध कटिया या अनधिकृत उपभोग की शिकायत मिले, वहां बिना किसी देरी के त्वरित छापेमारी की जाए। यदि कहीं स्थानीय स्तर पर विरोध या टकराव की आशंका हो, तो पर्याप्त पुलिस बल के साथ संयुक्त टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध लोड हटने से ही आम उपभोक्ताओं को निर्बाध व सुचारु विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी, इसलिए अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।
विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों और लाइन स्टाफ को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली चोरी पर अंकुश लगाना विभाग की बुनियादी जिम्मेदारी है। यदि किसी भी फीडर अथवा मोहल्ले में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत या लापरवाही की बात सामने आई, तो संबंधित कर्मचारियों और क्षेत्रीय अभियंताओं के विरुद्ध विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने नगर स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र का भी गहन निरीक्षण किया, जहां उन्होंने ट्रांसफार्मरों की स्थिति, ट्रिपिंग के कारणों और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए फाल्ट को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के इसी क्रम में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कार्यालय और तहसील परिसर का भी जायजा लेकर राजस्व व प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
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