देवबंद त्यागी महाकुंभ: मांगे राम त्यागी ने दी आर-पार की चेतावनी, पश्चिमी यूपी में गरमाई राजनीतिक नुमाइंदगी की मांग

सहारनपुर के देवबंद में आयोजित त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ में उमड़े जनसैलाब के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग तेज हो गई है। मंच से आर-पार के संघर्ष की चेतावनी दी गई।

By INA News Desk
Oct 11, 2026 - 21:26
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देवबंद त्यागी महाकुंभ: मांगे राम त्यागी ने दी आर-पार की चेतावनी, पश्चिमी यूपी में गरमाई राजनीतिक नुमाइंदगी की मांग

देवबंद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पृष्ठभूमि में रविवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब देवबंद के ऐतिहासिक मां त्रिपुर बाला सुंदरी देवी प्रांगण के समीप आयोजित त्यागी-ब्राह्मण महाकुंभ में हजारों की तादाद में समाज के लोग एकत्र हुए। हाल ही में सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेताओं के इस क्षेत्र में हुए दौरों के बाद देवबंद की धरती से उठी इस लामबंदी ने स्थानीय से लेकर प्रादेशिक स्तर तक राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। महाकुंभ के विशाल मंच से सीधे तौर पर राजनीतिक उपेक्षा, सम्मान और लोकतांत्रिक ढांचे में संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी न मिलने के सवाल प्रमुखता से उठाए गए।

महासभा के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाज के हितों और राजनीतिक अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो आने वाले समय में आर-पार का संघर्ष किया जाएगा। इस शक्ति प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पारंपरिक सामाजिक समीकरण अब सीधे संवाद और ठोस भागीदारी की शर्त पर आगे बढ़ने का मन बना रहे हैं।

मंच से सीधे सवाल और उपेक्षा के आरोप

सम्मेलन को संबोधित करते हुए त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगे राम त्यागी ने राजनीतिक दलों, विशेषकर सत्तासीन दल के रुख पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि त्यागी समाज हमेशा से राष्ट्रवादी विचारधारा और देशहित के फैसलों के साथ मजबूती से खड़ा रहा है, लेकिन इसके बदले में समाज को लगातार राजनीतिक उपेक्षा और तिरस्कार का सामना करना पड़ रहा है।

मांगे राम त्यागी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में अब किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सत्ता और संगठन में समाज को उसका वाजिब हक और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, तो समाज अपने राजनीतिक फैसलों को लेकर पूरी तरह स्वतंत्र होगा और सड़कों से लेकर मतदान केंद्रों तक आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। उनके इस वक्तव्य का मैदान में मौजूद जनसमूह ने जोरदार नारों के साथ समर्थन किया।

पूर्व सांसद राघव लखनपाल ने समाज को बताया राष्ट्रवादी आधार

महाकुंभ के मंच पर पहुंचे सहारनपुर के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि त्यागी-ब्राह्मण समाज हमेशा से राष्ट्र निर्माण और सामाजिक संतुलन की रीढ़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों और विभिन्न राजनीतिक षड्यंत्रों के बावजूद इस वर्ग ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया है।

पूर्व सांसद ने मंच से समाज के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक एकता ही किसी भी वर्ग की वास्तविक शक्ति होती है। जब तक समाज संगठित होकर एक स्वर में अपने अधिकारों की बात नहीं रखेगा, तब तक उसकी आवाज को वह गंभीरता नहीं मिलेगी जिसकी वह हकदार है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए अपनी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने पर बल दिया।

प्रमुख वक्ताओं ने एकजुटता और आत्मसम्मान पर दिया बल

महाकुंभ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। त्यागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर त्यागी ने कहा कि समूचा ब्राह्मण वर्ग एक सूत्र में बंधा हुआ है और किसी भी विभाजनकारी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के नौजवानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा और सामाजिक संगठनों को गांव-गांव तक पहुंचकर एकता का ताना-बाना मजबूत करना होगा।

इसके साथ ही जिला अध्यक्ष सुशील त्यागी, वरिष्ठ समाजसेवी जुगनू त्यागी और मनीष त्यागी सहित कई वक्ताओं ने संगठन के विस्तार, युवाओं को रोजगार व शिक्षा के अवसर दिलाने तथा प्रशासनिक स्तर पर समाज के उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि अब केवल वोट बैंक बनकर रहने का दौर समाप्त हो चुका है; फैसले लेने वाली मेज पर समाज की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे हजारों लोग, देवबंद में लगा भीषण जाम

रविवार सुबह से ही सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत और हापुड़ समेत आसपास के जनपदों से लोगों का देवबंद पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी बसों, कारों और बाइकों के काफिलों के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े। दोपहर होते-होते आयोजन स्थल पूरी तरह भर गया और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

वाहनों के अत्यधिक दबाव के चलते देवबंद नगर के मुख्य मार्गों, स्टेट हाईवे और बाईपास पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कई किलोमीटर लंबा जाम लगने के कारण सामान्य यात्रियों, आवश्यक सेवाओं और स्थानीय नागरिकों को कई घंटों तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी, लेकिन वाहनों की अप्रत्याशित संख्या के आगे नगर की यातायात व्यवस्था धीमी पड़ गई।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों पर पड़ेगा सीधा असर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से जटिल सामाजिक और जातीय संतुलन पर टिकी रही है। हाल के दिनों में सत्ता पक्ष के रणनीतिकारों ने इस क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए सांगठनिक पकड़ मजबूत करने की कोशिशें की थीं। ऐसे में देवबंद जैसे महत्वपूर्ण केंद्र पर त्यागी-ब्राह्मण समाज का इस पैमाने पर एकजुट होना और खुले मंच से राजनीतिक उपेक्षा के आरोप लगाना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है।

राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इस महाकुंभ के जरिए समाज ने साफ संदेश दिया है कि पारंपरिक समर्थन को बिना ठोस भागीदारी के स्थायी नहीं माना जा सकता। यदि प्रमुख राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण, सांगठनिक पदों और नीतिगत मामलों में इस वर्ग की चिंताओं का समाधान नहीं किया, तो आगामी स्थानीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक परिदृश्यों में नए समीकरण उभर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि सत्ताधारी दल और अन्य विपक्षी दल इस सामाजिक उभार और असंतोष को साधने के लिए आने वाले दिनों में क्या कदम उठाते हैं।

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