Pilibhit Gomti Udgam: दिव्य और भव्य बनेगा गोमती उद्गम तीर्थ स्थल, समग्र विकास की तैयारियां तेज
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के उद्यम वैपकोस की टीम ने किया गोमती उद्गम तीर्थ स्थल का बारिकी से अध्ययन
कुँवर निर्भय सिंह ,आईएनए, पीलीभीत
सदियों से उपेक्षित रहे जनपद के सबसे पौराणिक गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा का अब जल्द ही समग्र विकास होगा इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के उद्यम वैपकोस की टीम के डिप्टी चीफ इंजीनियर और आर्किटेक्ट ने गोमती नदी के उद्गम परिसर का बारिकी से अध्ययन किया। साथ जिला अधिकारी को दूरभाष पर प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी दी।
गंगा की सहायक प्रमुख सहायक नदी गोमती का का उद्गम पीलीभीत के माधोटांडा की गाटा संख्या 980 झील से भूगर्भीय प्राकृतिक जलस्रोत से होता है।अब गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा का देश प्रदेश में पर्यटन और आस्था के रूप में एक अलग स्थान होगा इसके लिए भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के नमामि गंगे के अंतर्गत विकसित करने के लिए स्थानीय गोमती भक्तों की मांग पर जनपद के सांसद केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के अथक प्रयास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुकंपा से 56.88 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी। जिसका फाइनल डीपीआर तैयार किए जाने के लिए भारत सरकार के जल मंत्रालय के उद्यम वैपकोस की तीन सदस्यीय टीम ने गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा पहुंच कर विस्तृत अध्ययन किया।टीम के डिप्टी चीफ इंजीनियर दिनेश वर्मा ने बताया डीपीआर का फाइनल टच किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रतिदिन की जा रही है।
वैफकोस के टीम के डिप्टी चीफ इंजीनियर दिनेश वर्मा,आर्किटेक्ट मेघा नीलू ने गोमती ट्रस्ट अध्यक्ष एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार ट्रस्टी राममूर्ति सिंह, निर्भय सिंह,नरेश, डालचंद कुशवाहा आदि के साथ गोमती उद्गम तीर्थ स्थल बारिकी से अध्ययन किया। साथ ही आर्किटेक्ट मेघा नीलू एवं पुनीत कुमार ने ट्रस्ट के संरक्षक जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह से दूरभाष पर वार्ता कर प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी दें। गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा का समग्र विकास होगा इसके गोमती भक्तों में खुशी व्यक्त है।
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