Special Article: श्रीराम जन्मभूमि नया ट्रस्ट- नया भरोसा -नया सवेरा 

अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा प्रकरण के बाद जिस प्रकार कुछ राजनैतिक दल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में लगातार

By INA News Desk
Sep 3, 2026 - 17:21
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Special Article: श्रीराम जन्मभूमि नया ट्रस्ट- नया भरोसा -नया सवेरा 

लेखक: मृत्युंजय दीक्षित

अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा प्रकरण के बाद जिस प्रकार कुछ राजनैतिक दल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में लगातार जांच चलने के बाद भी अपने निहित स्वार्थ सिद्ध करने के लिए सनातन धर्म का लगातार अपमान कर रहे थे और पुरजोर प्रयास कर रहे थे कि किसी न किसी प्रकार अयोध्या के प्रति हिंदुओ की आस्था कमजोर पड़ जाए उससे सनातन समाज में क्रोध और निराशा दोनों ही व्याप्त हो रहे थे। अब जब एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद आपरेशन सिंदूर के नायक  रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति श्री रामजन्मभूमि मन्दिर के प्रथम सीईओ के रूप में की गई है उससे हिन्दू समाज में भरोसे का नया भाव जगा है। 

नये सीईओ जितेंद्र मिश्र- अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नये सीईओ के रूप में नियुक्ति की है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पूर्व में लड़ाकू विमान उड़ाकर सीमाओं की सुरक्षा करते रहे हैं। वह वायुसेना में लगभग 40 वर्ष तक रहे तथा जनवरी 2025 में उन्होंने पश्चिमी एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली तथा ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई। जितेंद्र मिश्र ने 1999 में कारगिल युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा मिराज 2000 से पाकिस्तानी सेना पर बमबारी की थी। जैसे ही जितेन्द्र मिश्रा के नाम का घोषणा हुई सोशल व टीवी मीडिया पर ऑपरेशन सिंदूर के समय की  प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के साथ उनकी तस्वीर वायरल हो गई। इस तस्वीर में जितेंद्र मिश्रा प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी करते दिखाई पड़ रहे हैं । अब वही जितेंद्र मिश्र अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि के सीईओ बनकर राम मंदिर का कामकाम संभालने जा रहे है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का कोई राजनैतिक  बैकग्राउंड नही है। 

देवरिया की भूमि के सुपुत्र जितेंद्र मिश्रा को स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोतम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। इससे पूर्व उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल  ओर 2013 में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। वह 6 दिसंबर 1986 को एयरफोर्स एकेडमी से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। 40 वर्ष के कैरियर में उन्हें 3 हजार घंटे से अधिक उड़ाने भरने का अनुभव है। नेटफिक्स की ऑपरेशन सफेद सागर में जितेंद्र मिश्र का किरदार दिखाया गया था। 

श्रीराम मंदिर के सीईओ के प्रतिदिन के कामकाज में प्रतिदिन का दर्शन प्रबंधन, सुरक्षा ,सफाई, वीआईपी मूवमेंट, पर्वों पर भीड़ नियंत्रण, स्टाफ की निगरानी, जिला प्रशासन और पुलिस से तालमेल जैसे काम शामिल हैं। नीति, वित्त और शासन पर वास्तविक अधिकार  महासचिव के पास ही रहेगा । पूर्व कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि जी नए महासचिव बनाए गए हैं। सीईओ महासचिव को रिपोर्ट करेगा और सीधे महासचिव के अधीन काम करेगा। सीईओ नीति बाने की बजाय फैसलों को लागू करेगा। महासचिव सीईओ की नियुक्ति उसके कामकाज की समीक्षा और वार्षिक बजट की अनुमति देगा। ट्रस्ट का प्रत्येक बड़ा निर्णय महासचिव की अनुमति से ही होगा।  

राम मंदिर ट्रस्ट में निर्णय की शक्ति महासचिव के पास तथा कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सीईओ के पास रहेगी। सीईओ पद के लिए देशभर से 5,585आवेदन आए थे, जिसमें आईएएस आईपीएस अधिकारियों के अलावा सेना के  ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे। मीडिया के तमाम अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए देवरिया निवासी जितेन्द्र  मिश्रा का नाम सामने आते ही सभी विश्लेषक हैरान रह गए। 

ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भी भर दिया गया है।इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शिकोहाबाद की डा. निर्मला यादव को भी शामिल किया गया है। अब महिला वर्ग  की यह शिकायत भी दूर हो गई है कि ट्रस्ट में कोई महिला सदस्य नहीं है। डा. निर्मला यादव शिक्षा क्षेत्र में  काफी समय से काम कर रही है। जबकि मदन माहेन पांडेय ने रामलला की ओर से मुकदमा लड़ा था। नए ट्रस्ट के गठन के बाद चंपत राय जी की वापसी संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।  

हिन्दू समाज एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की ओर भरोसे से देख रहा है कि जिस प्रकार उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा की उसी प्रकार वह नई भूमिका में हनुमान जी की तरह दिव्य व भव्य श्रीराम मंदिर की सेवा व सुरक्षा करेंगे। 
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