Gonda : बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर घोटाला: आरोपी जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्र की जमानत याचिका कोर्ट से खारिज
यह पूरा मामला लगभग 15 करोड़ रुपये के फर्नीचर टेंडर में कमीशनखोरी से जुड़ा है। मोतीगंज के रहने वाले मनोज कुमार पांडे की शिकायत पर गोरखपुर की एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि प्रेम शंकर मि
गोंडा के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर हुई रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के बड़े मामले में आरोपी जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्र को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश नित्या पांडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेम शंकर मिश्र की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। कोर्ट का मानना है कि आरोपी को रिहा करने के लिए कोई ठोस आधार मौजूद नहीं है। प्रेम शंकर मिश्र मार्च के आखिरी समय से गोंडा की मंडलीय जेल में बंद हैं, जिन्हें पुलिस ने फरार रहने के दौरान गिरफ्तार किया था।
यह पूरा मामला लगभग 15 करोड़ रुपये के फर्नीचर टेंडर में कमीशनखोरी से जुड़ा है। मोतीगंज के रहने वाले मनोज कुमार पांडे की शिकायत पर गोरखपुर की एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि प्रेम शंकर मिश्र ने तत्कालीन निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी और एक अन्य जिला समन्वयक के साथ मिलकर टेंडर पास कराने के बदले 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 50 लाख रुपये एडवांस और 26 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर वसूले थे। प्रेम शंकर मिश्र पर अलग से 2 लाख रुपये की अतिरिक्त घूस लेने का भी आरोप है। इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सरकारी वकील ने बताया कि जमानत याचिका में पर्याप्त आधार न होने के कारण अदालत ने यह फैसला सुनाया है, जिसके चलते मुख्य आरोपी को अभी जेल में ही रहना होगा।
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