Sultanpur : अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने रखे विचार

विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है और समाजसेवा के कई कार्य करता है। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परंपरा

Jan 15, 2026 - 22:56
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Sultanpur : अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने रखे विचार
Sultanpur : अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने रखे विचार

सुल्तानपुर जिले के अल्देमऊ नूरपुर स्थित अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन एक राष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ हुआ। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में हुई इस संगोष्ठी का विषय था - समाज में अघोर परंपरा का योगदान। कार्यक्रम में देश भर के विद्वानों ने अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां बढ़ती हैं तो अघोर परंपरा लोगों को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है और समाजसेवा के कई कार्य करता है। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परंपरा का उद्देश्य जातियों को समाप्त करना है। बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा कि अगर समय रहते नहीं जागे तो भविष्य संकट में पड़ सकता है।

सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए अघोर परंपरा अपनाना जरूरी है। यह परंपरा सामाजिक भेदभाव को खत्म करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता कायम करने में अघोर परंपरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह अहंकार खत्म कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ती है और जन्म-मृत्यु के द्वैत से परे जाकर आत्मज्ञान दिलाती है। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परंपरा का पालन आज के समय में जरूरी है। नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा कि नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आएगी जब वे अघोर परंपरा से जुड़ेंगे।

संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने की और संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। इससे पहले फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीर रस से भर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन से कार्यक्रम की शुरुआत की। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह सहित कई लोगों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर एमएलसी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह, इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट, अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ, सुरेंद्र सिंह, अजय बहादुर सिंह और अजीत सिंह बरवारीपुर सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे।

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