Lucknow : देखभाल के अभाव में सूखे अमृत सरोवर, जल संरक्षण के दावों के बीच प्यास से बेहाल बेजुबान
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शुरू की गई इस योजना का मकसद गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देना और जल संकट को दूर करना था। कागजों पर तो लक्ष्य से ज्यादा सरोवर तैयार दिखा दिए गए, लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बेह
राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए अमृत सरोवर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण ये सरोवर अब मैदानों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे न तो पशु-पक्षियों को पानी मिल पा रहा है और न ही भूजल स्तर को सुधारने का उद्देश्य पूरा हो रहा है। गांवों में जल संचय के लिए बनाए गए इन सरोवरों में भीषण गर्मी के बावजूद पानी की एक बूंद नजर नहीं आ रही है। रखरखाव न होने की वजह से सरोवरों के किनारे बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां और बेंच टूट चुकी हैं और चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शुरू की गई इस योजना का मकसद गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देना और जल संकट को दूर करना था। कागजों पर तो लक्ष्य से ज्यादा सरोवर तैयार दिखा दिए गए, लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बेहद खराब है। उदाहरण के लिए लखनऊ के बीकेटी ब्लॉक के जलालपुर गांव में लाखों रुपये खर्च कर बने सरोवर में पानी न होने से बच्चों ने उसे खेल का मैदान बना लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गईं, जिसके कारण मानसून खत्म होते ही ये सरोवर सूख जाते हैं। जल संरक्षण की इस महत्वपूर्ण योजना के निष्प्रभावी होने से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि बेजुबान जानवर भी पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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