Hardoi : न्यायालय के आदेश पर दो महीने बाद दर्ज हुआ मारपीट और छिनैती का मामला, अरवल पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
चीख-पुकार सुनकर जब पीड़ित के भाई वीरपाल, बाबूराम, शरद चंद्र और निर्जेश उन्हें बचाने दौड़े, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इ
Report : अभिषेक त्रिवेदी
अरवल थाना क्षेत्र में दो महीने पहले हुई मारपीट और छिनैती के मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब न्यायालय के कड़े आदेश के बाद अरवल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस टालमटोल वाली कार्यशैली को लेकर इलाके के लोगों में काफी नाराजगी है और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, कबीराखेड़ा गांव के रहने वाले नीरज यादव पुत्र रामासरे यादव शाम के समय अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी गांव के ही बिजनंदन यादव, उनके बेटे मोहित और प्रेम सागर ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हमलावरों से जान बचाकर नीरज अपने घर के अंदर भागे, लेकिन आरोपियों ने घर में घुसकर भी उन्हें बेरहमी से पीटा और उनकी जेब में रखे 360 रुपये जबरन निकाल लिए। चीख-पुकार सुनकर जब पीड़ित के भाई वीरपाल, बाबूराम, शरद चंद्र और निर्जेश उन्हें बचाने दौड़े, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इस बीच बचाव में पीड़ित के भाई वीरपाल को भी गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने अरवल थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाते हुए घायलों का मेडिकल कराया और केस दर्ज करने से मना कर दिया। थक-हारकर पीड़ित ने न्याय के लिए अदालत की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए दबंगों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
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