हरदोई के अरवल में बाढ़ से भारी तबाही, दर्जनों गांव जलमग्न और फसलें चौपट, पानी घटने से राहत

हरदोई के अरवल क्षेत्र में बाढ़ से दर्जनों गांवों में पानी भर गया और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। जलस्तर में मामूली गिरावट के बाद राहत कार्य तेज हुए।

By INA News Desk
Sep 14, 2026 - 21:25
2 Views
हरदोई के अरवल में बाढ़ से भारी तबाही, दर्जनों गांव जलमग्न और फसलें चौपट, पानी घटने से राहत

Report : Abhishek Trivedi

हरदोई। जनपद के अरवल थाना क्षेत्र में नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ की भयावह विभीषिका ने ग्रामीण जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बने हुए जलभराव के चलते क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ में लहलहाती फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं।

ग्रामीण अंचलों को जोड़ने वाली सड़कों के ऊपर कई फीट पानी बहने से प्रमुख संपर्क मार्ग टूट गए हैं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। यद्यपि प्रशासनिक स्तर पर कुछ मार्गों को चलने योग्य बनाने के लिए अस्थायी मरम्मत कराई गई है, किंतु अधिकांश सड़कें गहरे गड्ढों और कटाव के कारण अत्यंत खस्ताहाल बनी हुई हैं।

छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में पठन-पाठन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। बच्चों की शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए निकटवर्ती सुरक्षित परिषदीय और अशासकीय विद्यालयों में कक्षाएं संचालित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

क्षेत्र के मंसूरपुर, उमरौली, जैतपुर, करनपुर, नारायनपुर, तुलसीपुरवा, बंजरियापुरवा, लालपुर, हैदराबाद, नंदना, बागपुरवा, सुलखामऊ, जसापुरवा, निकामतपुर, चंद्रमपुर, तिवारीपुरवा, खजुरियापुरवा, पतारपुरवा, बेसहारा, बारामऊ, दहेलिया, कडहर, दयालपुर और नाऊपुरवा जैसे गांव बाढ़ के पानी से गंभीर रूप से घिरे हुए हैं।

दूसरी ओर बरगदापुरवा और जिगनी देवकली क्षेत्रों में नदी के जलस्तर में कुछ कमी आने से पानी सड़कों से नीचे उतरा है, जिससे ग्रामीणों ने आंशिक राहत महसूस की है।

इसके विपरीत श्रीमऊ, अवस्थीपुरवा, बेहटा मुड़िया और कडहर के मुख्य मार्गों पर अब भी जलभराव बना हुआ है, जिससे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में जोखिम उठाना पड़ रहा है। लगातार पानी में डूबे रहने के कारण कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा दीवारों को भारी क्षति पहुंची है। श्रीमऊ स्थित चौसार सिसाला सैनिक इंडेन गैस एजेंसी की दोनों ओर की चारदीवारी पानी के तेज बहाव और दबाव से ढह गई, यद्यपि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

बीते चौबीस घंटों के दौरान जलस्तर में क्रमिक गिरावट दर्ज किए जाने से विस्थापितों और ग्रामीणों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। वहीं बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे पीड़ित ग्रामीणों की सहायता के लिए प्रशासनिक अमला, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन लगातार सक्रिय हैं।

प्रभावित बस्तियों में राहत सामग्री, सूखा राशन, सुरक्षित पेयजल और आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी निरंतर नावों से सुदूर जलमग्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव शासकीय सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।

Also Click : UP News: यूपी में जमीन की पैमाइश होगी हाईटेक, 350 GNSS रोवर तहसीलों में पहुंचे; तेज और सटीक होगा सीमांकन

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow