Nepal Tibet Flash Flood Impact UP: नेपाल में आई तबाही के बाद गंडक नदी में बहकर यूपी पहुंचीं 6 लाशें, महराजगंज और कुशीनगर में हड़कंप
Nepal Flash Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर यूपी आए 6 अज्ञात शव बरामद किए गए हैं। महराजगंज और कुशीनगर प्रशासन अलर्ट पर है।
- Gandak River Flood Tragedy: नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ का असर, यूपी के महराजगंज और कुशीनगर से 6 शव बरामद
- नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी से यूपी में बहकर आए 6 शव, सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट
- Nepal Flood Tragedy: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर यूपी पहुंचे 6 शव, 2 महिलाएं शामिल
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और जलस्तर के अत्यधिक बढ़ने से गंडक (नारायणी) नदी में बहकर कई शव भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की मदद से नदी से कुल छह शव बाहर निकाले गए हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। बरामद किए गए किसी भी शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है और नेपाल के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर पहचान और आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहाड़ी क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज के कारण नेपाल और तिब्बत सीमा पर भीषण जल प्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई। बुधवार की सुबह हुई अत्यधिक बारिश और अचानक आए जलप्रवाह के चलते निचले इलाकों में भारी तबाही हुई, जिससे कई लोग बह गए। इस प्राकृतिक आपदा का प्रत्यक्ष और दुखद असर अब सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के तराई वाले जिलों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
नेपाल के रास्ते बहकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाली गंडक नदी, जिसे नेपाल में नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है, में तेज बहाव के साथ अज्ञात शव बहते हुए पाए गए हैं। गुरुवार को सीमावर्ती महराजगंज और कुशीनगर जिलों के विभिन्न घाटों पर पानी में तैरते शवों को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह शवों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें परीक्षण के लिए भेज दिया।
बुधवार की सुबह नेपाल और तिब्बत के ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में भारी वर्षा के बाद अचानक जलस्तर में अप्रत्याशित उछाल आया। पानी की तीव्र गति के कारण कई बस्तियां और किनारे बसे क्षेत्र जलमग्न हो गए। इस तेज जलप्रवाह के साथ बहने वाले लोग सीमा पार करते हुए भारतीय जलक्षेत्र में पहुंच गए।
गुरुवार सुबह सबसे पहले महराजगंज जिले के सीमावर्ती नदी क्षेत्र में स्थानीय मल्लाहों और ग्रामीणों ने पानी में अज्ञात शवों को बहते हुए देखा। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। नाविकों और गोताखोरों के सहयोग से महराजगंज सीमा क्षेत्र से तीन शवों को बाहर निकाला गया। इसके कुछ ही समय बाद कुशीनगर जिले के अंतर्गत पड़ने वाले गंडक नदी के विभिन्न तटीय इलाकों से भी तीन अन्य शव बरामद किए गए।
बरामद किए गए कुल छह शवों में चार पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पानी में काफी समय तक रहने के कारण शवों की प्राथमिक पहचान तत्काल संभव नहीं हो सकी है। पुलिस टीमों ने पंचनामा भरकर सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान सुरक्षित रखने के लिए जिला अस्पताल स्थित शवगृह में भेज दिया है।
महराजगंज और कुशीनगर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद शवों की पहचान के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों से आधिकारिक स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। बाढ़ में लापता हुए लोगों की सूची मंगवाई जा रही है ताकि बरामद शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके।
वहीं, नदी किनारे बसे स्थानीय ग्रामीणों में नदी में शव दिखने के बाद से दहशत और चिंता का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी की जलधारा बेहद तेज है और ऊपर से लगातार मलबा और भारी जलप्रवाह आ रहा है। राहत और बचाव दल तटीय इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि यदि कोई और शव या अवशेष दिखे तो उसे तुरंत निकाला जा सके।
इस अप्रत्याशित घटना का व्यापक प्रभाव उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ा है। गंडक नदी के जलस्तर और उसकी तेज रफ्तार को देखते हुए नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों को नदी के गहरे पानी में न जाने, मवेशियों को सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या शव के दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी है।
इसके साथ ही, सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां और पुलिस बल भी अलर्ट मोड पर हैं। भारत-नेपाल सीमा पर नदी मार्गों की निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन इकाइयों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता अब बरामद किए गए सभी छह शवों का विधिवत पोस्टमार्टम कराने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने की है। इसके लिए भारतीय अधिकारी नेपाल के प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं और फोटो व हुलिए का विवरण साझा कर रहे हैं। यदि नेपाल के प्रभावित परिवारों द्वारा दावा किया जाता है, तो आवश्यक विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शवों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग नदी के जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा टीमों को गंडक बैराज और प्रमुख घाटों पर तैनात रखा गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
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