Hardoi News: हरदोई में त्योहारों और PET परीक्षा को लेकर धारा 163 लागू, 15 नवंबर तक निषेधाज्ञा जारी
डीएम राहुल पाण्डेय ने जारी किया आदेश, सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने, बिना अनुमति जुलूस निकालने और परीक्षा केंद्रों के आसपास जमावड़े पर प्रतिबंध
हरदोई। आगामी त्योहारों और प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET) को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 15 अक्टूबर 2026 से 15 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिलाधिकारी के अनुसार, शारदीय नवरात्रि, दुर्गा महाष्टमी, महानवमी, विजय दशमी, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और परीक्षार्थियों को असुविधा से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
- सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध
जारी आदेश के मुताबिक, सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी सार्वजनिक स्थल पर चार से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों, समारोहों और मृतक संस्कारों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। बिना अनुमति जनसभा, प्रचार सभा, जुलूस और धरना-प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। अनुमति मिलने पर जुलूस के स्थान, समय और मार्ग की सूचना स्थानीय पुलिस को कम से कम तीन दिन पहले देनी होगी।
- हथियार लेकर चलने और भड़काऊ भाषणों पर रोक
निषेधाज्ञा के तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति के आग्नेयास्त्र, लाठी-डंडे, स्टील रॉड और धारदार हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों, सहारे के लिए लाठी-डंडे का इस्तेमाल करने वाले वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों और कृपाण धारण करने वाले सिख समुदाय के लोगों को नियमानुसार छूट दी गई है। इसके अलावा, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाषण, आपत्तिजनक पोस्टर-बैनर, धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली गतिविधियां और बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। त्योहारों के दौरान नई परंपरा शुरू करने पर भी रोक लगाई गई है।
- सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्ती
आदेश में सार्वजनिक संपत्तियों, सड़कों, रेलवे लाइनों, बस मार्गों और अन्य सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने या नुकसान पहुंचाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुमति बैनर, पोस्टर और झंडे लगाने तथा प्रमुख व्यक्तियों के पुतले लेकर चलने या उन्हें जलाने की गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। कलेक्ट्रेट, विकास भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों के परिसर में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस या अनावश्यक भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होगी। शाम पांच बजे के बाद इन परिसरों में एकत्र होने या धरना देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष पाबंदियां
PET परीक्षा को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में समूह के रूप में एकत्र होने पर रोक रहेगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के दौरान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट मशीनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उद्देश्य त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना, कानून व्यवस्था बनाए रखना और परीक्षा को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराना है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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